नेपाल डेस्क के ध्यानार्थ----
मुख्यमंत्री ने किया स्वागत द्वार का शिलान्यास
भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल के प्रदेश नंबर-5 के सीएम ने रखी आधारशिला
मई-2020 तक प्रवेश द्वार तैयार होने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
ककरहवा (सिद्धार्थनगर)। भारत-नेपाल सीमा पर ककरहवा बॉर्डर पर एक स्वागत द्वार का निर्माण नेपाल सरकार द्वारा कराया जा रहा है। इसका शिलान्यास पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल के प्रदेश नंबर पांच के मुख्यमंत्री शंकर पोखरेल ने बुधवार को नेपाल के ओड़वलिया गाविसा में किया। उन्होंने कहा कि लुंबिनी क्षेत्र के विकास के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
नगरपालिका इस क्षेत्र का विकास करवाए जिसके लिए सरकार हर संभव मदद करेगी। 75 लाख नेपाली रुपये की लागत से बनने जा रहे, यह स्वागत द्वार आने वाले पर्यटकों को लुभाने के साथ इस क्षेत्र के विकास में भी बड़ा योगदान देगा। उन्होंने स्वागत द्वार का निर्माण करने वाली कंपनी से कहा कि यह स्वागत द्वार मई 2020 से पहले बनकर तैयार हो जाए। लुंबिनी सांस्कृतिक नगरपालिका के मेयर मनमोहन चौधरी ने कहा कि नगरपालिका लुंबिनी क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
उन्होंने सभी वार्ड अध्यक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग एक वार्ड एक पहचान परियोजना के तहत कार्य करिए। विकास के लिए प्रदेश तथा केंद्र सरकार से पैसा लाना मेरा कार्य है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने भूमि पूजन कर स्वागत द्वार का शिलान्यास किया। कार्यक्रम को वार्ड अध्यक्ष मंजूर अली, इंजीनियर राजेश कुमार, इनामुल्लाह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन अजय सिंह ने किया। इस दौरान मुख्य रूप से उपमेयर जानकी देवी श्रीवास्तव, मोहन पौडेल, इनामुल्लाह फकीर, रामदेव सहानी, सैफ मोहम्मद, ध्रुव कुमार, पिंटू दूबे, राजेश कोहार, पंपा पौडेल, ग्राम प्रधान दुल्हासुमाली बालमुकुन्द जायसवाल, कमरुद्दीन सहित नेपाल व भारत के तमाम लोग मौजूद रहे।