रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े राष्ट्रीय लोकतांत्रिक युवा संगठन ने किया प्रदर्शन
सिद्धार्थनगर। नेपाली प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड के भारत दौरे के बीच नेपाल में भारत के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गया है। वहां भारत के नए संसद भवन में लगे अखंड भारत के नक्शा में नेपाल के कुछ हिस्सों को दर्शाने पर जोररदार विरोध हो रहा है। रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े राष्ट्रीय लोकतांत्रिक युवा संगठन ने अपने प्रधानमंत्री प्रचंड के भारत दौरे पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने शुक्रवार को भारतीय दूतावास के सामने प्रदर्शन कर अखंड भारत के नक्शे से नेपाल के लुंबिनी, विराटनगर व कपिलवस्तु को हटाने की मांग की।
पार्टी के समन्वयक केसी ने कहा कि अखंड भारत के नक्शे में नेपाल के क्षेत्र को दर्शाना गलत है। इस वजह से पार्टी कार्यकर्ताओं ने अखंड भारत के नक्शे को जलाकर विरोध जताया है। इससे पहले संगठन ने अधिसूचना के माध्यम से नक्शा सही करने की मांग की थी और उप प्रधानमंत्री व गृहमंत्री नारायणकाजी श्रेष्ठ को ज्ञापन सौंपा था। समन्वयक केसी ने चेतावनी दी है कि भारत की ओर से मानचित्र में परिवर्तन नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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वर्जन-
नेपाल के अलावा अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, ईरान अखंड भारत का हिस्सा थे। नेपाल में राजनीतिक कारणों से विरोध हो रहा है। विरोध करने वाले लोगों को ऐतिहासिक तथ्यों को जानने की कोशिश करनी चाहिए।
-डॉ. सच्चिदानंद चौबे, एसोसिएट प्रो. इतिहास विभाग, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु