नक्शे के आकार वाले मेडल पर भारतीय भूक्षेत्र के गायब करने का मामला नेपाल में तूल पकड़ता जा रहा है। नेपाल के जनप्रतिनधियों और सामाजिक संगठनों के लोगों ने विरोध का स्वर बुलंद कर दिया है। इस मामले में शनिवार को नेपाल मेें विरोध प्रदर्शन भी हुए।
उसके बाद नेपाल गृह मंत्रालय ने गलती स्वीकार करते हुए नक्शे में सुधार करने की बात की है। नेपाल में हुए एक कार्यक्रम में नेपाल में योगदान करने वाली विभूतियों का सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी की ओर से मेडल प्रदान किया गया।
नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी एमाले माधव समूह के नेता भीम रावल ने शनिवार को ट्वीट कर सरकार पर राष्ट्रघाती आरोप लगाते हुए मेडल खारिज करने की मांग की। इस मामले में जवाब भी मांगा है, जबकि एक नेपाली युवती ने मेडल वापस कर दिया। नेकपा एमाले झलनाथ खनाल, माधव नेपाल समूह निकट युवा संघ ने माइती घर चौक पर प्रदर्शन किया।
उन्होंने प्लेकार्ड दिखाकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। गृह मंत्रालय नेपाल सरकार ने शनिवार को जारी विज्ञप्ति में कहा कि दो साल पहले मेडल देने का निर्णय किया गया था, उसी समय मेडल बनाया गया था। पिछले साल मेडल बनाने के बाद कोरोना संक्रमण के कारण आयोजन नहीं हो सका। अब नए साल बैसाख यानी 14 अप्रैल को नए नक्शे वाले मेडल दिए जाएंगे।