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नवरात्रि के पहले दिन सन्नाटे में रहे देवी मंदिर

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नवरात्र के पहले दिन भी शहर के सिहेंश्वरी मंदिर में सन्नाटा, दर्शन को नहीं पहुंचे श्रद्धालु - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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चैत्र नवरात्र के पहले दिन सन्नाटे में रहे देवी मंदिर
श्री सिहेंश्वरी, पल्टादेवी, योगमाया मंदिर में नहीं पहुंचे श्रद्धालु
लॉकडाउन के बीच घरों में ही पूजा-अर्चना, सूने पड़े मंदिर
15 अप्रैल तक नहीं खुलेंगे देवी और अन्य मंदिर, लगा ताला
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। चैत्र नवरात्र पर लॉकडाउन का साया साफ देखा गया। बुधवार को मंदिरों में ताले लटके रहे और घरों में ही लोगों को पूजा-अर्चना करनी पड़ी। जिले के प्रमुख मंदिर सिंहेश्वरी देवी मंदिर, पल्टादेवी मंदिर, योगमाया मंदिर और अन्य मंदिरों पर भी देश लॉकडाउन का साफ असर दिखा। व्यवस्थापकों ने 15 अप्रैल तक के लिए बंद कर दिया है। लिहाजा पहले दिन मंदिरों में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने घरों ही पूजा-अर्चना की।
कोरोना वायरस का संकट लगातार गहरा रहा है। इस स्थिति के बीच पहली बार चैत्र नवरात्र का आगमन हुआ है। लॉकडाउन की वजह से लोग घरों में रहे व मंदिर भी बंद रहे। लोगों से सुख समृद्धि के साथ देश में आए संकट से लोगों को बचाने की कामना की गई। मंदिरों के कपाट इस दौरान बंद दिखे। जिले के प्रमुख व प्रसिद्ध मंदिरों में शामिल शहर के सिंहेश्वरी देवी मंदिर, बेलहिया देवी मंदिर, शोहरतगढ़ तहसील के पल्टादेवी मंदिर और जोगिया ब्लाक में योगमाया मंदिर को भी 15 अप्रैल तक के लिए बंद कर दिया गया है। इन मंदिरों में सिर्फ पुजारी समेत उनके सहयोगियों की ओर से साफ-सफाई के बाद पूजा-अर्चना की गई।
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छोटे मंदिरों में पहुंचे श्रद्धालु
नवरात्र के पहले दिन बड़े मंदिरों में भले ही लॉकडाउन का असर दिखाई दिया पर जिले में स्थापित तमाम छोटे-छोटे देवी मंदिरों में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने पहुंचे। इस दौरान भीड़ से बचने को लेकर सतर्कता अवश्य देखी गई। एक-एक कर भक्तों ने मंदिरों में देवी की आराधना की।
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‘मंदिर न जाएं, घरों में ही करें मां की पूजा’
शहर के ज्योतिषाचार्य योगेश पांडेय ने कहा कि चैत्र नवरात्र में कोरोना रूपी राक्षस ने श्रद्धालुओं को चुनौती दी है। हर बार राक्षसों का वध कर मां दुर्गा ने अपने भक्तों की रक्षा की है। घर में ही पूजा-अर्चना करने पर भी कृपा बरसेगी जिससे इस राक्षस का वध होगा। भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर इस राक्षस की ताकत बढ़ जाती है। देवी मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए हैं। यह नवरात्र कोरोना को भी मारेंगी और पूरी दुनिया को इसके आतंक से मुक्ति दिलाएंगी।
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