जनपद न्यायलय परिसर में लोक अदालत में संबोधित करते जिला जज।
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सिद्धार्थनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयोजन में शनिवार को दीवानी कचहरी, जेल, बाहय व चकबंदी न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कुल 42 हजार 473 वाद का निस्तारण किया गया। 52.83 लाख रुपये का उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किया। मोटर दुर्घटना के रूप में पीड़ित पक्ष को 60.51 लाख रुपये प्रतिकर दिलाया। ऋणियों ने बैंक को 37.82 लाख रुपये टोकन मनी के रूप में दिया। दो दंपत्तियों के विवाद को समाप्त किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज राजेंद्र कुमार, डीएम कुणाल सिल्कू व एसपी डा. धर्मवीर सिंह ने किया। कहा कि वादकारियों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान अध्यक्ष सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन राधेश्याम मिश्रा व महामंत्री अनुज यादव भी मौजूद रहे। जिला जज राजेंद्र कुमार की अदालत ने कुल 12 मामलों का निस्तारण किया। एडीजे बाहय न्यायालय बांसी राजकुमार सिंह ने 4 मामलों को निस्तारित किया। एडीजे श्याम नारायण त्रिपाठी ने 58 मामलों को निस्तारित किया। सीजेएम संजय चौधरी ने फौजदारी के 736 मामले निस्तारित किए। सिविल जज (सी.डि.) महेंद्र कुमार ने फौजदारी के 274 व उत्तराधिकार के 16 वाद निस्तारित किया।
सिविल जज (जू.डि.) बाहय न्यायालय बांसी विनोद शर्मा ने 391 मामले निस्तारित किए। सिविल जज (जू.डि.) विवेक कुमार ने 6 मामलों को निस्तारित किया। सभी तहसीलों में 29 हजार 835 मामले निस्तारित किए गए। थानों में 11 हजार 141 मामले समाप्त हुए। एआरटीओ ने 10 मामलों का निस्तारण किया। इसी क्रम में दो जोड़ों कोत एक किया गया। परिवार न्यायालय ने पति हीरालाल व पत्नी अनीता आपसी विवाद में 25 जून 2016 से अलग थे। दूसरे मामले में श्रवण कुमार व नीलम को एक किया।