सिद्धार्थनगर। कश्मीर के उड़ी सैन्य कैंप पर हमले के बाद मुंबई में गुरुवार की सुबह हथियारबंद संदिग्धों के दिखने के बाद नेपाल सीमा पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। सीमा पार से आने वाले हर शख्स पर पैनी नजर रखी जा रही है। सीमा पर तैनात एसएसबी जवान तो सतर्क हैं ही, इसके साथ ही खुफिया विभाग सहित पुलिस भी संदिग्धों पर नजर गड़ाए हुए है।
नेपाल की खुली सीमा आंतकी गतिविधियों को लेकर पहले से ही संवेदनशील रही है। पांच मार्च 2010 में सीमा से सटे बढनी से एसटीएफ लखनऊ की टीम ने इंडियन मुजाहिदीन गिरोह के सदस्य सलमान उर्फ छोटूू को गिरफ्तार किया था। जिसने पूछताछ में कई आतंकी घटनाओं में शामिल होने की बात सुरक्षा एजेंसियों के सामने स्वीकार भी की थी।
तभी से भारत-नेपाल की 68 किमी खुली सीमा संवेदनशील हो गई थी। उरी में सैन्य कैंप पर हमले के बाद पूरे देश में एलर्ट जारी कर दिया गया था। इसी बीच गुरुवार की सुबह मुंबई में पांच-छह की संख्या में हथियार लैस संदिग्धों के दिखने के बाद खुली सीमा पर सतर्कता और बढ़ गई है।
सीमा के चिह्नित 27 कच्चे व पक्के मार्ग व सीमा पर स्थापित 44 पिलरों के इर्द-गिर्द सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हर आने-जाने वाले शख्स की तलाशी की जा रही है। एसएसबी के जवान व खुफिया विभाग की टीम पैनी नजर जमाए हुई है। डीआईजी एसएसबी गोरखपुर के जनसूचना संपर्क अधिकारी ओपी साहू ने बताया कि एलर्ट जारी है। एसएसबी के जवान सीमा पर आने-जाने वालों पर नजर रख रहे हैं, संदिग्ध दिखने तलाशी भी की जा रही है। एसएसबी पूर्ण रूप से सतर्क है।
सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल की खुली सीमा पर शुक्रवार को दोनों देशों के सुरक्षा बलों ने संयुक्त पेट्रोलिंग की। अलीगढ़वा सीमा पर एसएसबी-द्वितीयवाहिनी की एफ कंपनी के जवानों ने एसआई आशीष कुमार संगमा के नेतृत्व में पकड़िहवा तक भ्रमण किया।
संयुक्त पेट्रोलिंग के दौरान सीमा स्तंभों व उसके आस-पास से गुजर रहे लोगों की भी तलाशी ली। पेट्रोलिंग में एसएसबी के बलवान दुर्बे, आशीष तिवारी, भारत भूषण, शिवा प्रसाद सहित नेपाल सशस्त्र बल के एसआई ध्वजराज भट्ट, टोप बहादुर, ब्रिज बहादुर थारू, पप्पू यादव, प्रकाश सेन, दीपक पुडा, सैनी संतलाल आदि शामिल रहे।