सिद्धार्थनगर। एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से जिले में 1800 नई सूक्ष्म इकाइयां स्थापित की जाएंगी। यह लक्ष्य मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित किया गया है।
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त उद्योग ने बताया कि प्रदेश में पूंजी निवेश को आकर्षित करने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए योजना को मिशन मोड में लागू किया गया है। इसके तहत आगामी 10 वर्षों में 10 लाख नई सूक्ष्म इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है।
योजना के अंतर्गत उद्योग एवं सेवा क्षेत्र की परियोजनाओं पर अधिकतम पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जाएगा। यह ऋण 4 वर्ष की अवधि के लिए होगा। साथ ही परियोजना लागत का 10 प्रतिशत मार्जिन मनी अनुदान के रूप में अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाएगी।
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का निवासी होना आवश्यक है। आयु 21 से 40 वर्ष के बीच और न्यूनतम शैक्षिक योग्यता आठवीं पास निर्धारित की गई है। आवेदक को सरकार की प्रशिक्षण योजनाओं का लाभार्थी होना चाहिए या मान्यता प्राप्त संस्थान से कौशल संबंधी प्रमाणपत्र, डिप्लोमा या डिग्री होना अनिवार्य है। ऋण वितरण के तीन माह के भीतर प्रशिक्षण प्रमाणपत्र पोर्टल पर अपलोड करना भी जरूरी होगा।
आवेदन के लिए आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक), फोटो, स्कैन हस्ताक्षर, आयु व शैक्षिक प्रमाण पत्र, स्व प्रमाणित शपथ पत्र, बैंक पासबुक की प्रति, निवास व जाति प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, परियोजना रिपोर्ट एवं कोटेशन आवश्यक होंगे।
इच्छुक अभ्यर्थी https://msme.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, सिद्धार्थनगर में संपर्क किया जा सकता है।