- 60 का हुआ टमाटर, हरी सब्जियों के दम में भी आया उछाल, 50 के पार पहुंची सभी सब्जी,
- आलू, प्याज के अलावा सभी सब्जियों के बढ़े दाम, बिगड़ा किचन का बजट
सिद्धार्थनगर। एक तरफ बारिश की वजह से फूल खराब होने से सब्जी की पैदावार कम हुई तो दूसरी तरफ गंगा नदी के बढ़े जलस्तर ने रेती में बोई गई सब्जी की खेती बर्बाद कर दी। इससे बाजार में आवक कम होने से हरी सब्जियों के दाम में काफी उछाल आया है। जून में 20 रुपया किलो बिकने वाला टमाटर सुर्ख होने के साथ 60 रुपये में बिक रहा है।
सब्जियों के बढ़े दामों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। हरी सब्जियों के साथ ही परवल, तोरई, नेनुआ के दामों में हुई वृद्धि से लोगों की थाली से सब्जी का स्वाद गायब होने लगा है। व्यापारियों का मानना है कि बारिश होने से खेत में मौजूद फसल नष्ट हो गए है। इससे पहले की अपेक्षा आवक कम हो गई है, जिससे दाम में उछाल आया है। महंगाई के कारण गरीब व मध्यम वर्ग के लोगों की रसोई से सब्जियां गायब होती जा रही हैं। दामों में लगातार बढ़ोतरी से लोग परेशान हैं।
आलू, परवल, शिमला मिर्च, अरवी, फूल गोभी आदि के लगातार बढ़ रहा है। हरी सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने ने स्वाद बिगाड़ दिया है। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण खाने की थाली से सब्जियां गायब होना शुरू हो गई हैं। लौकी से लेकर प्याज तक की कीमतों में वृद्धि होने के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रीती, अराध्या, सरोज व गीता ने बताया कि सब्जियों के दाम में उछाल आने से बजट बिगड़ गया है। इससे हरी सब्जियों का दाम में काफी उछाल है। सभी हरी सब्जियों के दाम 50 रुपया किलो के ऊपर पहुंच गए हैं।
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सब्जी के दाम
सब्जी पहले अब
आलू 20 25
टमाटर 20 60
प्याज 20 34
बैगन 30 50
तरोई 20 55
नेनुआ 25 50
कद्दू 20 30
हरी मिर्च 40 80
सभी सब्जियों का दाम किलो में है।
नोट- जगह के अनुसार मूल्य में अंतर हो सकता है।