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Siddharthnagar News: 500 मीटर सड़क में 500 से अधिक गड्ढे, ढूंढने पर नहीं मिल रही सड़क

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शहर की सड़कों में गड्ढों की भरमार, बढ़ा हड्डियाें का दर्द
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जलभराव व गंदगी कीं गिरफ्त में है बेलसड़ मुहल्ले की सड़क
सुबह शाम स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को होती है ज्यादा परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। शहर की सड़कें अब लोगों को दर्द देने लगी हैं। मुहल्ले से लेकर मुख्य मार्ग में अनगिनत गड्ढे हो गए हैं। इस पर चलने से जहां बाइक वालों की कमर दुख रही है। वहीं गड्ढों के बीच लोगों को सड़क ढूंढनी पड़ रही है। नगर के दो सड़कों की पड़ताल में लोगों ने परेशानी बयां की। नगर के पांच हजार से अधिक की आबादी वाले बेलसड़ में जाने वाले वाले मार्ग पर लोग सड़क ढूंढऩे को विवश हैं। वहीं नगर की लाइफ लाइन खजुरिया मार्ग भी क्षतिग्रस्त होने से बदहाल है।
नगर के बेलसड़ मुहल्ले में पांच हजार से अधिक लोग निवास करते हैं। इसी मार्ग पर एक इंटर कॉलेज, एक प्राथमिक विद्यालय और एक निजी अस्पताल है। नगर के लोगों के साथ ही इसी मार्ग से होकर लोग मेडिकल कॉलेज भी जाते हैं। कारण इधर से निकलने पर जाम से बच जाते हैं और दूरी भी कम हो जाती है। लेकिन मौजूदा समय में सड़क खराब है। स्थिति यह है कि गड्ढे में सड़क ढूंढऩा पड़ता है। लगभग सात सौ मीटर लंबी इस सड़क पर जैसे नगर मुख्य मार्ग से होकर अंदर जाएंगे। सिद्धार्थ इंटर कॉलेज के बाद बड़ा गड्ढा हो गया है, जिसमें बारिश के बाद से पानी सूखा नहीं है। इससे आगे बढ़ेंगे तो कई गड्ढे नजर आएंगे। लेकिन प्राथमिक विद्यालय के पास जो गड्ढा है, उससे गुजरने के लिए कई बार सोचना पड़ता है। कारण गड्ढा इतना बड़ा है कि सड़क के दोनों छोर तक फैला हुआ है। बारिश से नाली का गंदा पानी सड़क के गड्ढे में भरता है। यहां सुबह और शाम को परेशानी तब बढ़ जाती है, जब बच्चे विद्यालय में आते-जाते हैं। मुहल्ले के अफजल हुसैन ने बताया कि समस्या काफी दिनों से है। लोग परेशान हो चुके हैं। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। अधिक समस्या तब होती है, जब बच्चों को लेकर घर से निकलना होता है। कारण गड़्ढे में कब गिर जाएं, पता नहीं है। सड़क की स्थिति यह है कि गड्ढों के बीच में सड़क ढूंढता पड़ता है। बारिश और नाली का पानी गड़्ढों में भर गया है। लेकिन हमारी सुनने वाला कौन है।
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शहर की लाइफ लाइन तोड़ रही कमर

नगर के खजुरिया मार्ग को लाइफलाइन का दर्जा दिया जाता है। कारण इसी मार्ग पर थाना, पूर्ति कार्यालय, तहसील और विकास भवन, कलक्टे्ट और हाईवे पर लोग जाते हैं। पर अब यह लाइफ लाइन लोगों को दर्द देने लगा है। मुख्य मार्ग से जैसे ही इस पर मुड़ेंगे तत्काल गड्ढों से सामना होगा। हिचकोले ऐसे लगेंगे जैसे की कमर टूट गई। आगे जिला पंचायत कार्यालय के पास बड़ा गड्ढा है, जहां सड़क दिखती ही नहीं है। इसके बाद थाने के पास उसी प्रकार के जानलेवा गड्ढे हैं। इससे 100 मीटर आगे बढ़ेंगे तो कब्रिस्तान के पास लंबी दूरी में गड्ढा है। सड़क बनाने के बजाए इसमें ईंट डाल दिया गया है, जो और जानलेवा बन चुका है। इसके आगे बढ़ेंगे तो पुराने पिक्चर हाल के पास बड़ा गड्ढा बना हुआ है। नाली ऊपर होने के कारण यहां पूरे साल पानी बहता है। जिससे लोगों को आने- जाने में कठिनाई होती है। इस मार्ग पर निवास करने वाले उमेर और राकेश ने कहा कि नाली पर कभी ध्यान नहीं दिया गया। सड़क टूटती गई और मरम्मत नहीं किया गया।
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स्वास्थ्य के लिए हानिकारक

अगर गड्ढों वाली सड़क पर हमेशा वाहन से सफर करते हैं तो इससे झटका लगता है। जिससे जोड़ों में दर्द शुरू हो जाता है। लगातार ऐसी सड़क पर चलने से हड्डी में टकराव से कमजोर होने का खतरा रहता है। कई बार कमर में दिक्कत और नस के दबने की आशंका रहती है। इसके साथ ही सरवाइकल होने का खतरा बढ़ जाता है।

डॉ. चंद्रेश उपाध्याय, हड्डी रोग विशेषज्ञ
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