राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकों के स्टाल पर अपने मामले का निपटारा कराते लोग।
सिद्धार्थनगर। दीवानी कचहरी, बाहय व राजस्व न्यायालयों में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। कुल 11512 मुकदमों का निस्तारण किया। 62.27 लाख रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया। मोटर दुर्घटना के 15 मामलों में पीड़ित पक्ष को प्रतिकर के रूप में 66.08 लाख रुपये दिलाया। बैकों को ऋणी से 31.78 लाख रुपये टोकन मनी के रूप में मिले।
जिला जज केके अस्थाना ने कुल 46 मामलों का निस्तारण किया। पीड़ित पक्ष को क्षतिपूर्ति के रूप में 26 लाख रुपये दिलवाए। एडीजे प्रथम इंद्रीश कुमार ने 3 मामलों का निस्तारण किया। एडीजे बांसी राजकुमार सिंह ने कुल 5 मामलों का निस्तारण कर पीड़ित को 12 लाख रुपये दिलाए। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्याम नारायण त्रिपाठी ने 48 पारिवारिक मामलों का निस्तारण किया। सीजेएम संजय चौधरी ने 705 मामलों का निस्तारण करते हुए 1.17 लाख रुपये अर्थदंड वसूला। सिविल जज (सी.डि.) महेंद्र कुमार ने फौजदारी के 400 मामले निस्तारित करते हुए 11300 रुपये अर्थदंड वसूले। उत्तराधिकार के 13 मामलों में 62.38 लाख रुपये का प्रमाणपत्र जारी किया। सिविल जज (सी.डि.) ज्योति ने फौजदारी के 168 मामले निस्तारित करते हुए 15630 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूले।
सिविल जज (जू.डि.) बाह्य न्यायालय बांसी विनोद शर्मा ने फौजदारी के 244 व दीवानी के 12 मामले निस्तारित करते हुए 30550 रुपये अर्थदंड के वसूले। सिविल जज (जू.डि.) विवेक कुमार ने दीवानी के 3 मामले निस्तारित किए। सभी तहसीलों में 5303 मामले निस्तारित किए गए। थानों में कुल 4363 मामलों का निस्तारण किया गया। टेलीफोन विभाग ने 5 मामलों का निस्तारण करते हुए 14885 रुपये वसूल किए। आरटीओ विभाग ने 12 मामलों का निस्तारण किया। पूर्वांचल बैंक ने 56 मामलों का निस्तारण करते हुए 12.74 लाख रुपये जमा कराए।
एसबीआई ने 109 ऋण खाता बंद कर 44.12, पीएनबी ने 9 ऋण खाता व यूनियन बैंक ने 7 ऋण खाता बंद करते हुए 1 लाख रुपये वसूले। मंच संचालन अधिवक्ता जयशंकर प्रसाद ने किया। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों के साथ एएसपी अरविंद मिश्रा, अध्यक्ष सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन राधेश्याम मिश्रा, महामंत्री अजय यादव, एसडीओ टेलीफोन दुर्गेश सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक पूर्वांचल बैंक अजय श्रीवास्तव, शाखा प्रबंधक पेडारी महेश मणि त्रिपाठी, विकास चंद्र त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।