मौसम वैज्ञानिक बोले- नौतपा चल रहा, राहत के आसार नहीं अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री के किया पार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। उमस भरी गर्म हवाओं और भीषण गर्मी का प्रकोप बदस्तूर जारी है। देररात तक मौसम गर्म होने के कारण लोग चैन की नींद नहीं सो पा रहे। तापमान अभी भी अधिकतम 43.2 व न्यूनतम 33.8 डिग्री सेल्सियस होने से रात में भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।
उमस भरी गर्मी व गर्म से गर्म हवाएं लोगों को बेहाल कर रही हैं। सोमवार की सुबह से ही उमस भरी गर्मी व दोपहर में गर्म हवाओं के थपेड़ों से जनजीवन प्रभावित रहा। सुबह सात बजे से ही गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया। दोपहर होते-होते शहर के मार्गों पर आवागमन काफी कम हो गया। राहगीरों से लेकर घरों, बसों, ट्रेनों और दुकानों में बैठे लोग परेशान दिखे। 10 बजे के बाद से ही लोग घरों से बहुत जरूरी होने पर ही चेहरे को पूरी तरह से कपड़ों से ढंक कर ही निकलते दिखे।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने कहा कि नौतपा चल रहा है, इससे अभी गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिलेगी। सोमवार को अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 33.8 डिग्री दर्ज की गई।
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पूरे दिन इस तरह रहा शहर का हालात
सिद्धार्थनगर। सुबह सात बजे से ही सूरज भगवान ने तेवर दिखाना शुरू कर दिया, दिन चढ़ने के साथ ही आसमान से आग बरसने लगी। सुबह नौ बजे के बाद शाम छह बजे तक शहर के सड़कों पर एक दो वाहनों का ही आवागमन दिखा। जबकि मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में सुबह आठ बजते ही मरीजों की लंबी कतार लग गई। डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि ऐसे में लोगों को घर से निकलने से पहले डेढ़ लीटर पानी पी कर ही निकले, बासी भोजन का प्रयोग बिल्कुल भी नहीं करें। संवाद
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निर्बाध आपूर्ति का दावा हवाई, दिनभर ट्रिपिंग से लोग बेहाल
सिद्धार्थनगर। तेज गर्मी के बीच बिजली की कटौती भी खूब हो रही है। ग्रामीण इलाकों में दिन हो या रात बार-बार बिजली ट्रिप होती है। गर्मी के दिनों में निर्वाध आपूर्ति हवा हवाई साबित हो रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बिजली की कटौती जारी है। दिन हो रात कटौती का कोई समय निर्धारित नहीं रह गया है। मुख्यालय पर 24 घंटे व ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे आपूर्ति का रोस्टर है। लेकिन जिला मुख्यालय पर ही दिन हो रात बिजली के आने-जाने का सिलसिला चलता रहता है। इससे 24 घंटे में एक से दो घंटे की कटौती हो जाती है। आए दिन फॉल्ट के कारण घंटों आपूर्ति ठप रहती है। ग्रामीण इलाकों में ट्रिपिंग चलते पांच से सात घंटे की कटौती होती है। संवाद
अपच-दस्त होने पर लें पुदीने का अर्क, पीएं बेल का शरबत
सिद्धार्थनगर। इस समय अस्पतालों में आने वाले मरीजों में 70-80 फीसदी डायरिया, लू और फूड पॉयजनिंग के शिकार होते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी में आयुर्वेद नुस्खे का उपयोग करने से इन बीमारियों से बचा जा सकता है। उल्टी-दस्त और अपच होने पर पुदीने का अर्क और बेल का शरबत मरीज को आराम पहुंचाता है।
मेडिकल कॉलेज व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में आने वाले मरीजों में अधिकांश को पेट में दर्द, उल्टी-दस्त, पेट फूलना, खट्टी डकार, भूख कम लगना, सिर में दर्द, घबराहट होना आदि के शिकार मरीजों की संख्या ज्यादा रहती है। इन बीमारियों से परेशान मरीजों में अधिकांश बाजार का तला भूना भोजन खाने से बीमार हुए। इन मरीजों को दवा देने के साथ-साथ डॉक्टर बचाव के उपाय भी बता रहे। डॉ गौरव दुबे ने बताया कि इस भीषण गर्मी से बचने के लिए मीठे सत्तू, मुनक्का और खजूर का सेवन अधिक करे, इससे ऊर्जा मिलती है। गर्मी में पाचन शक्ति प्रभावित होती है। ऐसे में मीठा सत्तू, मुनक्का और खजूर खाने से जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। चाय-कॉपी की लत है तो हर्बल चाय का प्रयोग करे। छाछ, पन्ना, आंवले का मुरब्बा भी सेहत के लिए फायदेमंद है। संवाद
इन बातों का रखें ख्याल
-भोजन में मूंग, मसूर की दाल, लौकी, तोरई, कट्टू का सेवन करें।
-खस- चंदन का शरबत, नारियल पानी खूब पीएं।
-ठंडा करने के बाद ही आम, अंगूर, केला खाएं।
- भोजन में कम मात्रा में घी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- नमकीन, चटपटे, तले हुए और बाजार के भोजन से बचें।