सिद्धार्थनगर। दीपावली छठ के अलावा लगन में भी प्रवासियों का घर आना शुरू हो गया है। ढेर सारे प्रवासी लगन में घर आ रहे हैं। उनके आगमन को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के प्रति सतर्क किया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया ने कहा है कि डेंगू बुखार के लक्षणों के प्रति प्रवासी और उनके परिजन सतर्क रहें। लक्षण दिखते ही 108 नंबर एम्बुलेंस की सहायता से नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचे।
वहां पर जांच और इलाज की सुविधा भी उपलब्ध है। इस मौसम में बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना और बुखार होने के बावजूद शारीरिक गतिविधियों को जारी रखना समस्याएं बढ़ा सकता है।
डेंगू के प्रवासी मरीजों का समय से उपचार नहीं होने पर बीमारी के फैलने की आशंका है। डेंगू का वाहक एडीज मच्छर संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद लगातार कई लोगों को काटता है, जिसके कारण डेंगू का प्रसार दर अधिक है।
समय से संक्रमित व्यक्ति की पहचान कर उनका इलाज शुरू हो जाए और वह मच्छरदानी में रहे तो संक्रमण की आशंका कम हो जाती है। साथ ही बीमार व्यक्ति जल्दी ठीक हो जाता है।
दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों के प्रवासी उन्हीं शहरों से और कई बार यात्रा के दौरान भी डेंगू से संक्रमित हो जाते हैं। ऐसे में लक्षण दिखने पर त्वरित जांच और इलाज आवश्यक है।
अगर किसी को भी तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे तेज दर्द, हड्डियों में दर्ज और सुस्ती जैसे लक्षण आ रहे हैं तो उसे डेंगू भी हो सकता है। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध है। डेंगू बुखार से बचने के लिए मच्छरों के काटने से बचना चाहिए: शरीर को जितना हो सके उतना ढकने वाले कपड़े पहनें, लोशन या मच्छर भगाने वाले स्प्रे का इस्तेमाल करेंस