दिन तो दूर गर्मी से रात को भी राहत नहीं
सिद्धार्थनगर। रात गहराती जा रही थी तो शहर को ठंडक मिलने की उम्मीद थी, लेकिन हकीकत उलट रही। कमरों में घुसते ही गर्म हवा का थपेड़ा, बिस्तरों के गद्दे तंदूर जैसे तपते और पंखे सिर्फ गर्म हवा फेंकते दिखे। दिन भर की धूप ने दीवारों में ऐसी गर्मी भर दी है कि आधी रात को भी घरों के भीतर रहना मुश्किल हो गया है। लोग छतों और खुले मैदानों की ओर भाग रहे हैं, जहां थोड़ी राहत तो है, लेकिन मच्छरों की मार ने वहां भी चैन नहीं लेने दिया। शहर के अलग-अलग इलाकों से मिले ग्राउंड इनपुट एक ही कहानी कहते हैं, नींद गायब है, रात भी दिन जैसी लग रही है।
शास्त्रीनगर में रहने वाले भगवान दत्त बताते हैं, रात 11 बजे तक लगा कि मौसम बदलेगा लेकिन 12 बजे भी हालत वही। कमरे में सोना नामुमकिन हो गया, परिवार के साथ छत पर आना पड़ा। वहीं, मालती देवी कहती हैं कि छत पर हवा तो है, लेकिन मच्छर इतने हैं कि पूरी रात जागकर काटनी पड़ रही है।
स्टेशन रोड में हालात और ज्यादा मुश्किल हैं। यहां संकरी गलियों और घनी आबादी के चलते गर्मी ज्यादा महसूस हो रही है। स्थानीय निवासी रईस अहमद बताते हैं कि दिन में जैसे हालत होते हैं, रात में भी वही। पंखा चलाओ या कूलर, फर्क नहीं पड़ रहा। बिजली थोड़ी देर गई तो हालत और बिगड़ गई। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, फिलहाल रात के तापमान में ज्यादा राहत के आसार नहीं हैं। यानी आने वाले कुछ दिन शहर को इसी आधी रात की आग से गुजरना होगा।
आधी रात का रियलिटी चेक
- रात 12 बजे भी कमरों में 35 डिग्री के आसपास तापमान का अहसास
- पंखे बेअसर, कूलर भी दे रहा गर्म हवा
- छतों पर भीड़, लेकिन मच्छरों का हमला
- नींद पूरी न होने से दिनभर थकान
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