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मेडिकल कॉलेज के लिए हुई भूमि की पैमाइश

Fri, 23 Mar 2018 10:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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एसएन मेडिकल कालेज - फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। मेडिकल कॉलेज के लिए जिले को अब और इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सब कुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द इसका शिलान्यास भी हो सकता है। शासन के एक पत्र के बाद प्रशासनिक महकमे में इसके लिए हलचल बढ़ गई है। शुक्रवार को तहसीलदार के नेतृत्व राजस्व कर्मचारियों की टीम जेल रोड पर रजिस्ट्री कार्यालय के पास भूमि की नापी में जुटी रही। करीब घंटे भर तक चली छानबीन में भूमि की लंबाई-चौड़ाई से लगायत पूरा ब्योरा खंगाला गया। उच्चीकृत मेडिकल कॉलेज के लिए 20 एकड़ भूमि की डिमांड की गई है। जिले से 25 एकड़ भूमि का प्रस्ताव तैयार कर भेजा जा रहा है। इसमेें 17.5 एकड़ भूमि पर निर्मित जिला अस्पताल भी समाहित है।
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31 दिसंबर 2018 को कपिलवस्तु महोत्सव के समापन समारोह में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले में उच्चीकृत मेडिकल कॉलेज खोलने का ऐलान किया था। इसके कुछ दिन बाद ही शासन ने पत्र जारी कर जिला प्रशासन को भूमि तलाशने का निर्देश दिया था। इसके लिए मुख्यालय पर जिला अस्पताल के आस-पास के क्षेत्र को प्राथमिकता में रखने को कहा गया था। जिला प्रशासन ने रजिस्ट्री कार्यालय के बगल में खाली पड़ी साढ़े सात एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि के बारे में सूचना शासन को भेजी थी। तीन दिन पहले मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी नए पत्र में इस भूमि का पूरा ब्योरा और जिला अस्पताल समेत कुल रकबे के बारे में जानकारी मांगी गई थी। शुक्रवार को सदर तहसीलदार संतोष कुमार ओझा के नेतृत्व में राजस्व टीम मौके पर पहुंची। राजस्व नक्शे से मिलान करते हुए भूमि की पैमाइश की। गाटा संख्या, लंबाई-चौड़ाई, आस-पास उपलब्ध अन्य भूमि आदि की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की। राजस्व टीम के मुताबिक शासन ने 20 एकड़ जमीन की डिमांड की है, मगर जिले से कुल 25 एकड़ भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
इसमें 17.50 एकड़ भूमि पर जिला अस्पताल बना हुआ है। रजिस्ट्री कार्यालय के बगल में साढ़े पांच एकड़ भूमि है, जबकि इसके पीछे स्थित नाले के दूसरी तरफ दो एकड़ से अधिक भूमि उपलब्ध है। जल निगम और रजिस्ट्री कार्यालय की बाउंड्री के पीछे भी पर्याप्त क्षेत्रफल में सरकारी भूमि मौजूद है। जरूरत के अनुसार इसे भी प्रस्तावित कॉलेज में शामिल किया जा सकता है। इस संबंध में सदर तहसील संतोष कुमार ओझा ने बताया कि तीन दिन पहले आए पत्र में जमीन का ब्योरा मांगा गया था। उसके अनुसार यहां पैमाइश कर रिपोर्ट भेजी जा रही है। मौके पर पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। राजस्व टीम में कानूनगो कन्हैया लाल, लेखपाल दिनेश पांडेय, गणेश दत्त त्रिपाठी, अशोक यादव, नागेंद्र चौधरी, बिंदुसार मौर्य, विजय यादव, बृजेश त्रिपाठी आदि शामिल रहे।
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