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मेडिकल कॉलेज : निर्माण कार्य व टेंडर प्रक्रिया की हो रही जांच

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मेडिकल कॉलेज का प्रशासनिक भवन। संवाद
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: अनियमितता की शिकायत की जांच के लिए डीएम ने गठित की तीन सदस्यीय कमेटी
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: एडीएम की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी जुटा रही अभिलेख व साक्ष्य, कर रही पुष्टि
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में हुए निर्माण एवं टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत पर डीएम डॉ. राजागणपति आर. ने जांच कमेटी गठित की है। एडीएम की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने जांच शुरू करते हुए अभिलेख व साक्ष्य एकत्रित करने के साथ उसकी पुष्टि में जुट गई है। जांच शुरू होते ही मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया है।
मेडिकल कॉलेज में निर्माण कार्यों एवं टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की शपथपत्र के साथ डीएम से शिकायत की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि नियम विरुद्ध तरीके से इंजीनियर हायर किए गए, 1000 हजार ब्रेकर की खरीद एक ही कंपनी से एक ही समान को अलग-अलग तिथि में खरीदा गया है।
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इसके साथ ही एक बार खरीदे जाने वाले सामान को टुकड़ों-टुकड़ों में खरीदने और जिम के सामान को लागत मूल्य से अधिक खरीदने के भी आरोप लगाए गए हैं। मेडिकल कॉलेज की क्रय समिति में फेरबदल कर अपने मनमाफिक सदस्य चयन कर वित्तीय अनियमितता करने और कर्मचारियों का पटल परिवर्तन करने का आरोप लगाया गया है।
इसके अलावा एक ही दिन में टेंडर से होने वाली खरीदारी को चुनाव की आड़ में कोटेशन अर्थात एल-वन के माध्यम से खरीदारी करने और एक फर्म के माध्यम से 10 से ऊपर टुकड़ों में खरीदने का आरोप लगाया गया है, जबकि मेडिकल कॉलेज के वित्त नियंत्रक की ओर से कॉलेज के क्रय अधिकारी को पत्र भेजकर शासनादेश का हवाला देते क्रय संबंधी नियमों के पालन करने की अपेक्षा की गई थी।
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पूर्व में भी लगे आरोपों को दिए थे सफाई
मेडिकल कॉलेज में क्रय समिति में शामिल अधिकारियों को परिवर्तन करने, कर्मचारियों का पटल परिवर्तन व नोटिस देकर उत्पीड़न व शोषण करने समेत कई आरोप पहले भी लग चुके हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य की ओर से छह माह पूर्व महानिदेशक चिकित्सा को आईजीआरएस पर की गई शिकायत का जवाब दिया गया था, जिसमें उन्होंने सफाई देते हुए नियमानुसार समिति में फेरबदल और कर्मचारियों का पटल परिवर्तन करने की बात कही थी। साथ ही उपकरण व फर्नीचर खरीदारी में अनियमितता नहीं करने की बात कही थी।
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पहले भी लग चुके हैं आरोप
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने मेडिकल कॉलेज में दवा इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। उन्होंने सदन समेत सार्वजनिक मंचों पर मेडिकल कॉलेज में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जांचकर कार्रवाई करने को कहा था। इसके साथ शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने भी मेडिकल कॉलेज में अनियमितता का मामला उठाया था। इन आरोपों की जांच के बावजूद मामले में कार्रवाई नहीं होना चर्चा का विषय बना रहा है।
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मेडिकल कॉलेज में निर्माण कार्यों व टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की शपथपत्र के साथ मिली शिकायत की जांच के लिए एडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसकी रिपोर्ट मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई के लिए संबंधित उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। जहां से मिले निर्देश के क्रम में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. राजागणपति आर., जिलाधिकारी
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