डुमरियागंज कस्बे में अवशेष फेंकने के कारण लोगों का आना-जाना दूभर
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। नगर पंचायत में बन रहे नवीन मीट मंडी स्थल का कार्य बीच में बंद होने से अधूरा निर्माण लोगों के लिए बेमतलब साबित हो रहा है। मांस और मछली बेचने वाले दुकानदार डुमरियागंज-बस्ती मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे खुलेआम मांस बेच रहे हैं। इतना ही नहीं उनके अवशेष को बगल में फेंक देने के कारण उससे उठने वाले दुर्गंध से लोगों का उधर से आना-जाना दूभर हो गया है। लोगों ने मीट मंडी निर्माण जल्द से जल्द पूर्ण करवाने की मांग की है।
पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने तहसील और नगर पंचायत प्रशासन से सरकारी जमीनों को खाली करवाने की मुहिम चलवाई थी। जिसके तहत बैदौला चौराहे से औसानपुर जाने वाले मार्ग से टीचर कॉलोनी के रास्ते पर सरकारी जमीन को चिह्नित किया गया था। इसके बाद डुमरियागंज-बस्ती मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे खुलेआम बिक रहे मांस-मछली के दुकानदारों को वहां से हटाकर चिंह्नित सरकारी जमीन पर मीट मंडी बनवाकर शिफ्ट करवाने की बात कही गई थी। इसके बाद नगर पंचायत द्वारा चिह्नित सरकारी जमीन पर मीट और मछली मंडी का निर्माण शुरू करवा दिया गया था। जहां छत डालने, बाउंड्रीवाल और टीनशेड लगा दिया गया। करीब 30 लाख की लागत से बन रहे मंडी निर्माण का काम बंद हो गया है।
करीब एक साल से बंद निर्माण कार्य को मीट, मछली के दुकानदारों ने शुरू करवाए जाने की मांग की है। जिससे उन्हें स्थायी दुकानें संचालित करने को मिल सके। वहीं नगर पंचायत के सुनील, मनोज, परमात्मा प्रसाद, आलोक कनौजिया, संतोष, नंदलाल, राजेश, पवन आदि ने कहा कि सड़क किनारे मीट और मछली की दुकान खुलने से वहां हमेशा दुर्गंध उठती रहती है। जिस कारण उधर से आने-जाने के लिए सोचना पड़ता है। लोगों ने मीट मंडी का निर्माण जल्द से जल्द पूर्ण करवाकर उसमें शिफ्ट करवाए जाने की मांग की है।
मंडी निर्माण का काम 70 फीसदी पूरा हो चुका है। उसमें दुकानों के लिए केवल पार्टिशन करवाना बाकी है। साथ ही मंडी स्थल तक जाने वाले रास्ते का निर्माण हो रहा है। जिसे जल्दी पूर्ण करवाकर दुकानें संचालित करवाई जाएंगी।
- महेश प्रताप श्रीवास्तव, ईओ, डुमरियागंज