जनसभा को संबोधित करतीं मायावती।
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यूपी में भाजपा का बिहार से भी बुरा हाल होने वाला है। तीन चरणों के चुनाव में खराब हालत को देखते हुए ही भाजपा अब धर्म की राजनीति पर उतर आई है। वोटों की खातिर प्रधानमंत्री मोदी मुर्दाघाट-कब्रिस्तान पर घिनौनी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा और सपा-कांग्रेस में दूसरे-तीसरे नंबर की लड़ाई बताई।
बुधवार को जेल रोड पर आयोजित जनसभा में मायावती ने कालाधन, नोटबंदी और कर्ज माफी के मुद्दे पर केंद्र सरकार की आलोचना की और जनता से पूछा कि कितने लोगों के खाते में 15 लाख आए या किसानों का कर्जा माफ हुआ। भाजपा को ‘भारतीय जुमला पार्टी’ करार देते हुए कहा कि पौने तीन साल में भाजपा ने एक चौथाई वादा भी पूरा नहीं किया। कहा कि भाजपा सत्ता में आई तो आरएसएस के एजेंडे पर चलकर सांप्रदायिक तनाव बढ़ाएगी। यूपी में भी रोहिता वेमुला और दलित उना जैसे कांड होंगे। जब केंद्र की भाजपा सरकार अपने अधीन दिल्ली की कानून-व्यवस्था नहीं संभाल सकती, वह यूपी को क्या संभालेगी। उत्तम प्रदेश बनाने का दावा करने वाली भाजपा पहले यह बताए कि छह साल यहां की सत्ता में रहते हुए उसने जनहित और जनकल्याण के कितने कार्य किए।
सपा को घेरते हुए कहा कि सपा के बुरे दिन अब आने वाले हैं। सूबे में बसपा की सरकार बनते ही सबसे पहले सपा के गुंडा-माफियाराज का सफाया होगा। अराजकतत्वों को जेल में डाल देंगे। सरकारी भर्तियों और आर्थिक फैसले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार संग्रहालय और स्मारक नहीं बनेंगे। पूरी ताकत प्रदेश की जनता को सुरक्षित व विकसित बनाने में लगाई जाएगी। सपा के पारिवारिक विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि पुत्र मोह में मुलायम सिंह ने भाई को जनता के सामने अपमानित किया है। अब सपा दो खेमों में बंट गई है। इसका भरपूर असर चुनाव में दिख रहा है। उन्होंने दलित और मुस्लिम एकजुटता के आधार पर सूबे की सत्ता में आने का दावा किया।