- भाजपा सरकार पर बरसे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष
- जिला पंचायत के नोटिस के बाद पूर्व विधान सभा अध्यक्ष ने खाली किया आवास
अमर उजाला ब्यूरो
इटवा। भाजपा की सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। सरकार की कार्य प्रणाली लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा है। ये बातें मंगलवार को पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सीएचसी इटवा के प्रांगण में स्थित आवास पर कहीं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1978 से मुझे लीज पर एलाटमेंट हुए खपड़ैल के मकान को समय-समय पर मरम्मत कराकर मैं रह रहा था। सपा सरकार में तत्कालीन पंचायती राज मंत्री ने घर का नव निर्माण कराया था। इसे पूर्व में निर्वाचित एक सांसद खाली कराना चाह रहे थे, पर वे सफल नहीं हो सके। इटवा के विधायक डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी भी निर्वाचित होने के बाद ही इसे खाली कराना चाह रहे थे, लेकिन सफल नहीं हो पा रहे थे। मंत्री पद पाने के बाद वे अपने मकसद में कामयाब हो गए।
मैं मकान को खाली कराने के आदेश से दुखी नहीं हूं। बल्कि इसका जो समय निर्धारित किया वह उचित नहीं है। पितृ पक्ष के बाद मैं कभी भी खाली करने के लिए कह रहा था। सरकार के दबाव के चलते अधिकारी विवश थे। मैं अधिकारियों से यह अवश्य कहना चाहूंगा कि जिन कारणों से यह आवास खाली कराया गया है, उन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अब किसी के नाम से लीज पर यह डाक बंगला आवंटित न किया जाए।
आज प्रदेश में जंगलराज है। पुलिस लोगों को बिना जुर्म के थानों पर कई दिन बैठाए रहती है और धन उगाही के बाद छोड़ देती है। विरोध करने पर पुलिस अपराधियों जैसा व्यवहार करती है। इसका ताजा उदाहरण सकारपार मे रिंकू पांडेय के साथ घटी घटना है। सपा इस मामले में शामिल पुलिस वालों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग करती है। सरकार के जनविरोधी कार्यों के विरोध में सपा एक अक्टूबर को पूरे प्रदेश के तहसील मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करेगी। वहीं जिला पंचायत के नोटिस के बाद मंगलवार को ही पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने आवास भी खाली कर दिया। इस अवसर सपा जिलाध्यक्ष अजय चौधरी, उग्रसेन सिंह, वीरेन्द्र तिवारी, कमरूज्जमा खां, रमापति पांडेय, तौलेश्वर निषाद, अमित दूबे, राम चन्द्र पाठक, सुशील तिवारी आदि मौजूद रहे।