सिद्धार्थनगर। शहर के विनियमित क्षेत्र में दुकान का नक्शा पास कराकर स्कूल, अस्पताल और होटल का संचालन किया जा रहा है। इक्का-दुक्का संस्थानों को छोड़, अधिकांश प्रतिष्ठान बिना मानक के भवन में चल रहे हैं। ऐसे संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। विनियमित क्षेत्र नौगढ़ की तरफ से शहर के 21 अस्पतालों, आठ स्कूलों, 13 होटल एवं मैरिज हाल समेत 76 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर नक्शा की प्रति के साथ स्पष्टीकरण मांगा है।
शहर के विनियमित क्षेत्र में किसी भी तरह के भवन निर्माण के लिए निर्धारित मानक को पूरा करते हुए नक्शा पास कराकर ही निर्माण किया जा सकता है। आवासीय भवनों और व्यावसायिक समेत अन्य तरह के प्रतिष्ठानों के निर्माण के लिए अलग- अलग मानक निर्धारित हैं। पिछले 20 वर्ष के दौरान विनियमित क्षेत्र में लोगों ने व्यावसायिक भवन का तो नक्शा पास कराया, लेकिन उस भवन में अस्पताल, स्कूल, होटल व मैरेज हाल का संचालन शुरू कर दिया, जबकि नियमानुसार इन भवनों में सिर्फ दुकान का ही संचालन हो सकता है। विनियमित क्षेत्र के अधिकारी अब व्यावसायिक भवन के निर्माण का नक्शा पास करा शहर में संचालित हो रहे अस्पताल, स्कूल, होटल व मैरिज हाल समेत अन्य प्रतिष्ठानों को चिह्नित कर रहे हैं।
नियमानुसार नक्शा पास नहीं होने के कारण व्यावसायिक भवनों में अग्निसुरक्षा की गारंटी नहीं है। विनियमित क्षेत्र के जेई अशोक कुमार सिंह की रिपोर्ट पर एसडीएम ने अनियमित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया है। जिनके स्पष्टीकरण का अवलोकन कर रिपोर्ट गोरखपुर संभागीय नियोजन खंड नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग को भेजी जाएगी। जहां से निर्देश मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम डॉ. ललित कुमार मिश्र का कहना है कि नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान को सील करने के साथ ही ध्वस्तीकरण की भी कार्रवाई की जाएगी।
हर प्रतिष्ठान के नक्शा के लिए हैं अलग-अलग मानक
विनियमित क्षेत्र में व्यवसायिक भवन का नक्शा पास कराकर सिर्फ दुकान संचालित की जा सकती है। स्कूल, अस्पताल, होटल आदि के लिए अलग-अलग मानक हैं। मानक के अनुसार, स्कूल और अस्पताल तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के पहुंचने का रास्ता, परिसर में खुला स्थान, भवन में आग बुझाने के संयंत्र और आसपास पानी की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्य है। इसके अलावा होटल एवं मैरिज हाल के निर्माण के लिए भी पर्याप्त खुला स्थान होने समेत स्वच्छता की पूर्ण व्यवस्था होना अनिवार्य है।
आवासीय भवन में चल रहीं व्यावसायिक गतिविधियां
शहर के तीन ऐसे लोगों को नोटिस दिया गया है, जो आवासीय भवन में ही मैरिज हाल का संचालन कर रहे हैं। इसी तरह आवासीय भवन का निर्माण कर 17 लोगों ने उसे व्यावसायिक स्वरूप दे दिया है और दुकानें एवं अन्य प्रतिष्ठान चला रहे हैं। विनियमित क्षेत्र के जेई का कहना है कि अभी शहर में नियम विरुद्ध तरीके से संचालित और भी प्रतिष्ठानों को चिह्नित कर नोटिस दिया जाएगा।
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बिना मानक बने अस्पताल व स्कूल
शहर में कई अस्पताल और स्कूल बिना मानक के भवनों में संचालित है। जहां खुला स्थान और आग बुझाने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। यहां तक कि कुछ अस्पताल एवं स्कूल मात्र कुछ कमरों में ही संचालित हैं और यहां तक फायरब्रिगेड के पहुंचने का सुगम रास्ता भी नहीं है। बिना मानक के संचालित स्कूल, अस्पताल और होटल में आग लगने अथवा भगदड़ जैसी आकस्मिक आपदाओं की स्थिति में बचाव कार्य संभव नहीं हो सकेगा। लखनऊ के एक होटल में आग लगने के बाद यहां भी प्रशासन सतर्क हो गया है।
शहर से अधिक रहा विनियमित क्षेत्र का दायरा
बस्ती जनपद के दौरान वर्ष 1978 से ही शहर के विनियमित क्षेत्र के दायरे में 34 राजस्व ग्राम थे। इनमें थरौली, दतरंगवा, पोखरभिटवा, बर्डपुर नंबर 14 (नौगढ़), पटनी जंगल, धौरीकुइयां, रोआपार, बेलसड़, जगदीशपुर, तेतरी बाजार, मुड़िला, बसडिलिया, डुमरिया, मधुकरपुर, सनई लंगड़ी, सनई खुर्द, भरसड़वा, परसाशाह आलम, खजुरिया, महदेवा लाला, रेहरा, सेमरनार, भीमापार, विठनीखुर्द, बड़गो, केसारी, बसौना, मेहनाग, सांड़ी, घरवासपुर, केसर, पिपरसन, पिठनी बुजुर्ग व सिसहनिया शामिल रहे। उसके बाद 21 जुलाई 2003 को जारी शासनादेश के अनुसार, आसपास के छह राजस्व ग्रामों सकतपुर, सोनवल, पिपरा पांडेय, विनयका, बभनी खुर्द व परसा महापात्र को भी विनियमित क्षेत्र में शामिल कर लिया गया।
आवासीय क्षेत्र से इतर हिस्से में नहीं पास करा सकेंगे घर का नक्शा
सिद्धार्थनगर। विनियमित क्षेत्र नौगढ़ (नगर पालिका सिद्धार्थनगर) में निर्धारित आवासीय क्षेत्र से हटकर दूसरे कार्य के लिए चिन्हित भूमि में घर बनवाने के लिए नक्शा पास नहीं करा सकेंगे। घर बनवाने को आवासीय क्षेत्र में नक्शा पास हो सकेगा। इसी तरह अन्य निर्धारित क्षेत्रों में भी दूसरे कार्य के लिए भवन का नक्शा पास नहीं हो सकेगा। विनियमित क्षेत्र नौगढ़ में शामिल 40 राजस्व ग्राम की संपूर्ण भूमि 901.79 हेक्टेयर है। इसके व्यवस्थित विकास के लिए तैयार की गई महायोजना के अनुसार 393.76 हेक्टेयर भूमि आवासीय क्षेत्र के लिए चिन्हित है। इसी क्षेत्र में आवास निर्माण के लिए नक्शा पास हो सकता है। इसके अतिरिक्त व्यवसायिक कार्य के लिए 34.96 हेक्टेयर, औद्योगिक के लिए 4.70 हेक्टेयर और राजकीय एवं अर्ध राजकीय कार्यालयों के लिए 95.10 हेक्टेयर और सार्वजिनक एवं अर्ध सार्वजनिक सुविधाओं के लिए 49.55 हेक्टेयर भूमि चिन्हित है। इन क्षेत्रों में निर्मित आवास अवैध है। वर्तमान में इन क्षेत्रों में घर बनवाने के लिए विनियमित क्षेत्र से नक्शा पास नहीं हो सकता है।
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विनियमित क्षेत्र का होगा विस्तार
विनियमित क्षेत्र नौगढ़ की महायोजना 2021 समाप्त हो गई है। इसलिए नई महायोजना 2031 के लिए सर्वे शुरू हो चुका है। इसके तहत विनियमित क्षेत्र का विस्तार करते हुए उपलब्ध संपूर्ण भूमि का उपयोग नए सिरे से चिन्हित किया जाएगा। साथ ही उसी अनुसार भवनों का निर्माण संभव होगा। एसडीएम नौगढ़ डॉ. ललित कुमार मिश्र का कहना है कि नियमानुसार ही नक्शा पास किया जाएगा। जो भी अवैध निर्माण होंगे उन्हें हटवाया जाएगा।