सरकार के बिना संविधान संसोधन के ही स्थानीय निकाय चुनाव कराने का विरोध मधेस जिलों में जारी है। हिंदूवादी संगठन भी आंदोलन में शामिल हो गए हैं। बुधवार को कपिलवस्तु, रूपनदेही और नवलपरासी में कई संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए नेपाली प्रधानमंत्री और एमाले नेता के पुतले जलाए।
बिना संविधान संशोधन और मधेसी मोर्चा की मांगों को दरकिनार करते हुए सरकार ने सोमवार को निकाय चुनाव की तिथि घोषित कर दी थी। चुनाव की घोषणा के बाद से ही मधेस से जुड़ी पार्टियां विरोध कर रही हैं। बुधवार को इनके समर्थन में हिंदूवादी संगठन भी सड़क पर आ गए। नेजपा, हिंदू रक्षा वाहिनी और महाकाल सेवा संघ के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विभिन्न स्थानों पर पुतला जलाया। रूपनदेही, नवलपरासी, पर्सा, झापा, कपिलवस्तु में रैली निकालकर आंदोलन शुरू किया गया।
नवलपरासी में विरोध प्रदर्शन में उतरे लोगों को संबोधित करते हुए नेजपा के केंद्रीय सचिव पुनीत पाठक नेपाली ने कहा कि सरकार अपने वादे से मुकरते हुए बिना संविधान संसोधन के ही चुनाव कराना चाहती है। सरकार का यह रवैया पक्षपातपूर्ण है। अब मधेस की जनता आर पार की लड़ाई लड़ेगी। मधेस के सीमांकन सहित संविधान संशोधन के मुद्दे पर नेजपा मधेसी फोरम का समर्थन करती है। हिंदू रक्षा वाहिनी कपिलवस्तु के अध्यक्ष परमेश्वर पाठक ने कपिलवस्तु में कहा कि संविधान संसोधन किए बगैर स्थानीय निकाय का निर्वाचन गलत है, इसका विरोध जारी रहेगा।
महाकाल सेवा संघ के सचिव राकेश तिवारी ने कपिलवस्तु बंद की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि जब तक चुनाव की घोषणा को वापस नहीं लिया जाता, बंद जारी रहेगा। नेजपा के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार पांडेय ने बताया कि गुरुवार को सभी जिलों के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। बैठक के बाद बढ़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम गांव-गांव शुरू किया जाएगा।