संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। न्यायाधीश व सदस्य राष्ट्रीय हरित अधिकरण नई दिल्ली डाॅ. अफरोज अहमद ने शुक्रवार को जिला पर्यावरण योजना से संबंधित बिंदुओं को लेकर समीक्षा बैठक की। इस दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, तरल अपशिष्ट प्रबंधन व अन्य विषयों पर समीक्षा की गई। उन्होंने कृषि क्षेत्रों में रासायनिक की जगह जैविक का प्रयोग कराने पर जोर दिया।
सदस्य एनजीटी डाॅ. अफरोज अहमद ने जनपद के गंगा ग्रामों में गंगा जैविक कृषि, पराली प्रबंधन, जमुआर नदी के पुनरुत्थान एवं मत्स्यकी के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए डीएम /अध्यक्ष जिला पर्यावरण गंगा समिति को बधाई दी। सदस्य एनजीटी द्वारा कृषि क्षेत्रों में कीटनाशक एवं रासायनिक खादों के उपयोग की जगह जैविक जैसे नीम, गौमूत्र आदि के प्रयोग को प्रोत्साहित करने हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित किया।
साथ ही किसानों की आय बढ़ाने हेतु विभिन्न सुझाव दिए। परियोजना अधिकारी जिला गंगा समिति एवं जिला कृषि अधिकारी को कृषि क्षेत्र में नई योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन हेतु समन्वय स्थापित कर जिला प्रशासन के नेतृत्व में लागू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मृदा के महत्व को समझाते हुए मृदा संरक्षण एवं फलाई एस. ईंट के निर्माण को प्रोत्साहित करने हेतु दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक की समाप्ति पर्यावरण को अपना धरोहर एवं संरक्षण को अपना धर्म बताते हुए संपन्न हुई। बैठक के बाद जिलाधिकारी डाॅ. राजा गणपति आर. द्वारा भगवान गौतम बुद्ध की स्मृति एवं कालानमक चावल भेंट एवं अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।