कपिलवस्तु स्थित मुख्य स्तूप के गेट पर लगाया गया ताला
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
31 मार्च तक नहीं हो सकेगा मुुख्य स्तूप का दर्शन
- राजकीय बौद्ध संग्रहालय में भी लगा ताला, पर्यटक नहीं कर सकेंगे बौद्धकालीन वस्तुओं का दीदार
- पर्यटन स्थलों को बंद किए जाने से बुधवार को पसरा रहा सन्नाटा
अमर उजाला ब्यूरो
कपिलवस्तु। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर पर्यटन स्थल 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिए गए हैं। प्रदेश सरकार के इस फैसले के बाद मुख्य स्तूप, राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गनवरिया स्थित प्राचीन स्थल को बंद कर दिया गया है। इन दिनों में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को निराश होना पड़ेगा।
नेपाल सीमा से सटे भारतीय क्षेत्र में बौद्ध पर्यटकों के लिए आस्था का केंद्र बिंदु कपिलवस्तु स्थित मुख्य स्तूप समेत बौद्ध संग्राहलय, गनवरिया प्राचीन स्थल, राजप्रसाद को 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है। शासन के इस निर्णय से एक तरफ जहां कोरोना वायरस जैसे महामारी के संक्रमण से बचाव की दिशा में सार्थक पहल हो सकेगा, वहीं बौद्ध अनुयायियों को 31 मार्च तक स्तूप का दर्शन, बौद्ध संग्रहालय में उपलब्ध प्राचीन वस्तुओं का अवलोकन नहीं कर सकेंगे। कपिलवस्तु संग्रहालय के सहायक पुरातत्वविद डॉ. केबी शर्मा ने बताया भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के स्मारक निदेशक डॉ. अर्विन मंजुल के निर्देशानुसार कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए आगामी 31 मार्च तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। पर्यटन स्थल को बंद करने के वजह से मंगलवार को भारी संख्या में पर्यटकों को वापस होना पड़ा।