संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना की ओर से बुधवार को खुनियांव ब्लॉक क्षेत्र के धनगढ़वा गांव में आयोजित कार्यक्रम में किसानों को फसल के अवशेष के प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई व उसके फायदे बताए गए।
फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डाॅ. सर्वजीत ने बताया कि फसल अवशेष को जलाने से कॉर्बन डाईऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाईऑक्साइड तथा पार्टिकुलेट मैटर आदि जहरीले पदार्थ पर्यावरण पर्यावरण प्रदूषित करते हैं। इसलिए फसल अवशेष कदापि न जलाएं।
मृदा वैज्ञानिक डाॅ. प्रवेश कुमार ने किसानों को बताया कि फसल अवशेष जलाएं नहीं, बल्कि खेत में आधुनिक मशीनों से जुताई कर दें। फसल अवशेष सड़कर मृदा की उर्वरता बढ़ाने में सहायक बनते हैं। डाॅ. एसके मिश्रा ने कहा कि किसान फसल कटाई के बाद फसल अवशेष खेतों में ही रहते हुए सुपर सीडर से अगली फसल की बुआई करें।
इस दौरान डाॅ. प्रवीण कुमार मिश्रा, विक्रम चौधरी, संदीप कुमार, चंद्र केश यादव, सत्य नारायण, राम सवद, राकेश प्रसाद, अंगद यादव आदि किसान मौजूद रहे।