कपिलवस्तु। भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु जिले में 23वें नेशनल राइस डे के अवसर पर सोमवार को विभिन्न स्थानों पर प्लांटिंग फेस्टिवल आयोजित किया गया। क्लाइमेट फ्रेंडली टेक्नोलॉजी : आत्मनिर्भर धान विकास थीम पर हुए कार्यक्रम में मशीन से धान की रोपाई कर किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने का संदेश दिया गया। हालांकि कार्यक्रम के दौरान किसानों ने खाद, सिंचाई और उन्नत बीजों की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।
नेशनल एग्रीकल्चर मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन यूनिट, कपिलवस्तु और मायादेवी गाऊपालिका के कृषि ज्ञान केंद्र की ओर से डुमरा गांव में किसान विष्णु पांडे के खेत में मशीन से धान की रोपाई कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जिला समन्वय समिति प्रमुख बाबूराम आचार्य, उपप्रमुख रमेश कुर्मी, मुख्य जिला अधिकारी जनार्दन गौतम और कार्यक्रम कार्यान्वयन इकाई के प्रमुख राकेश ओझा ने आधुनिक तकनीक से खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
बाबूराम आचार्य ने कहा कि विदेश पलायन, सिंचाई और उर्वरकों की कमी के कारण कृषि उत्पादन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक और व्यावसायिक खेती अपनाने की आवश्यकता है। मुख्य जिला अधिकारी जनार्दन गौतम ने कहा कि कृषि में आधुनिक उपकरणों और नई तकनीक के प्रयोग से उत्पादन लागत कम होगी और किसान अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।
कार्यक्रम में मायादेवी गाऊपालिका-6 के वार्ड अध्यक्ष संदीप चौधरी ने सरकार से धान का समर्थन मूल्य तय करने और किसानों की उपज की खरीद की व्यवस्था करने की मांग की। किसान विष्णु पांडे ने कहा कि ऐसे आयोजन किसानों का उत्साह बढ़ाते हैं लेकिन खाद, सिंचाई और अन्य मूलभूत समस्याओं का समाधान अभी भी नहीं हो पाया है।