सिद्धार्थनगर। पूरे जिले में दुर्गा पूजा प्रतिमाओं का विसर्जन मंगलवार देर शाम से शुरू होकर बुधवार की भोर तक किया गया। इस दौरान कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस व प्रशासन के अधिकारी चौकसी को बनाए रखे। कई मूर्तियों का विसर्जन बुधवार देर रात किया गया।
सदर थाना क्षेत्र में मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों में कुल 76 प्रतिमाएं स्थापित की गई थी। शाम होने के साथ ही मूर्तियों को पंडाल से निकाल कार्यकर्ता विसर्जित करने की तैयारियों में जुट गए। प्रशासन की ओर से दिए गए नंबरों के अनुसार आठ बजे के करीब मूर्तियों का कारवां पुरानी परंपरा के अनुसार हुसैनगंज की ओर बढ़ने लगा।
जैसे-जैसे प्रतिमाएं आगे बढ़ती रही, कारवां बढ़ता गया। नगर के दक्षिणी छोर पर स्थित हुसैनगंज मोहल्ले से प्रतिमा के साथ चल रहे जुलूस ने वापस नगर की ओर रूख किया। यहां नगर के एक प्रतिष्ठित होटल व्यवसायी ने प्रतिमाओं को पुरस्कृत किया। वहीं पुरानी नौगढ़ में स्थापित प्रतिमाओं ने भी उपनगर में भ्रमण किया।
प्रशासन ने मुख्यालय की ओर से आने वाली मूर्तियों के लिए जमुआर नाला के दक्षिणी पाट पर स्थित मुक्तिधाम व पुरानी नौगढ़ से आने वाली मूर्तियों के विसर्जन के लिए उत्तरी तट पर व्यवस्था किया था। रात बारह बजे के बाद से मूर्तियों का विसर्जन शुरू हुआ, जो सुबह करीब छह बजे तक चला।
इस दौरान एसडीएम सदर योगानंद पांडेय, सीओ अकमल खान, एसओ शिवाकांत मिश्रा, चौकी इंजार्च बजहा अनुज कुमार यादव, एसआई अभिमन्यु सिंह, आलोक श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। इसी क्रम में लोटन क्षेत्र की 24 व उसका बाजार थाना क्षेत्र की 29 मूर्तियों का विसर्जन धूम-धाम व शांति पूर्वक ढंग से संपन्न किया गया।
विकास खंड बर्डपुर के ग्रामीण इलाकों में स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन हर्षोल्लास के साथ कई जगहों पर श्रद्धा पूर्वक किया गया। इस दौरान श्रद्धालु गाजे-बाजे की धुन पर थिरकते रहे। मोहाना थाना क्षेत्र की प्रतिमाओं का विसर्जन कूड़ा नदी व पुरानी नौगढ़ के नजदीक की मूर्तियों को जमुआर नाला में विसर्जित किया गया।
इस दौरान मोहाना थाना पुलिस क्षेत्र के चैनपुर, नोनहवा, धनगढ़वा, अलीगढ़वा, बजहा, गौरा बाजार, मधुबेनिया, मोहाना बाजार, पुरानी नौगढ़ आदि स्थानों पर विशेष निगाह रखे रही। इस दौरान एसओ योगेंद्र सिंह यादव मय फोर्स भ्रमण करते रहे।
वहीं बढ़नी ब्लाक के ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार को हर्षोल्लास के साथ कई जगहों पर देवी प्रतिमाओं को श्रद्धा पूर्वक विसर्जित किया गया। क्षेत्र के पिकौरा-मदरहिया के बीच घोरही नदी पर औंदही कलां, मदरहिया, पिकौरा, ढेबरुआ, तुलसियापुर, अहिरौला, खैरहनिया, रेड़वरिया, गडऱखा, मनिकौरा, चरिहवां, जलापुरवा, केवटलिया, मानपुर, रौनिहवा, औरहवा, गडऱखा, मोहनकोली, भुतहिया आदि गांवों की देवी प्रतिमाओं को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ शांतिपूर्ण तरीके से विसर्जित किया गया। इसके अलावा सुरहिया नाले पर सिसवां, पचउध, झिंगहा, परसा की देवी मूर्तियां विसर्जित की गई।
सोनबरसा घाट पर बूढ़ी राप्ती नदी में कठेला गर्वी, कठेला सर्की, मैनिहवा, नावडीह, बंदुवारी, चेचराफ आदि गांवों की देवी मूर्तियां विसर्जित की गईं। रामगढ़ घाट पर बाणगंगा नदी में रामगढ़, बसहिया, खैरा, झुलनीपुर, नौडिहवा, लक्ष्मीनगर, रोमनदेई, बैदौली आदि गांवों की लगभग दो दर्जन मूर्तियों को विसर्जित किया गया।
त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में स्थापित 114 दुर्गा प्रतिमाओं का शांति पूर्वक विसर्जन किया गया। पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्र उज्जैनिया, रमवापुर जगतराम, गेरुइया, भड़रिया, डोमसरा, वैनिया खास, जुडीकुईया, पिपरा कानूनगो, मलहवार, गोपिया आदि ग्रामों में स्थापित प्रतिमाओं को विसर्जित कराया।
इस दौरान एसओ त्रिलोकपुर ओमप्रकाश चौबे सहित कमला चौधव्री, प्रभाकर उपाध्याय, गुलाब चंद, उमेश उपाध्याय, रामधनी, संदीप मिश्रा, मुकेश आदि पुलिस कर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगे रहे। खेसरहा में स्थापित 75 प्रतिमाओं का विसर्जन देर रात से शुरू होकर भोर तक चला। इस दौरान पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की।