श्याम सुंदर तिवारी
सिद्धार्थनगर। हत्यारोपी प्रेमी अनिल शुक्ला उर्फ विवेक ने ऐसा कदम उठाया कि परिवार ने इस बारे में कभी सोचा भी नहीं था। आठ मई को ही उसकी शादी हुई थी। उसकी पत्नी अभी परिवार तक को समझ तक नहीं पाई थी।
अगर कोई उसका भरोसेमंद था तो वह अनिल ही था। लेकिन, उसने उसके चेहरे और मासूमियत को नहीं देखा। गैर का प्यार हासिल करने के लिए उसके साथ मिलकर उसके पति को मार डाला और अपने का प्रेम खो दिया।
इससे न सिर्फ अपने परिवार के विश्वास को ठेस पहुंची, बल्कि ससुराल वालों को गहरा आघात दिया है। न तो पत्नी का हो पाया और न ही प्रेमिका मिली। अब सलाखों के पीछे जिंदगी कटेगी। जिले के लिए यह पहली वारदात नहीं हैं। यहां पहले भी पत्नी प्रेमी के साथ पति की हत्या करवा चुकी है। बेटी मां की हत्या करवा चुकी है। मेघालय की तरह से हुई इस वारदात ने रिश्ते और विश्वास पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, समाजशास्त्री इसे एकांकी जीवन और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रयोग को कारण बता रहे हैं।
बढ़नी में प्रेमी की बाइक से कन्नन को लेकर गई पत्नी : पुलिस की जांच में जो बात सामने आई है उससे यह स्पष्ट है कि हत्या की रूपरेखा पहले से तय कर ली गई थी। इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि आरोपी की शादी के बाद संगीता पर उस पर साथ रहने का दबाव बना रही थी। कारण वह पति के कमाए रुपये उसके खाते में भेजती वह भी बड़ी रकम।
यानी शादी के बाद ही पति को रास्ते से हटाने की साजिश संगीता के जेहन में गूंजने लगा। जो आरोपी अनिल शुक्ल उर्फ विवेक से शेयर किया और हत्या की तिथि दो जून नियत की गई।
इसके बाद के बाद बढ़नी जाने की बात करके संगीता बेगउआ नाला पर टैंपो पकड़ा। इसके बाद बढ़नी गए। वहां से आरोपी मिला फिर बाइक से तय ठिकाने पहुंचे। पूरी साजिश के तहत वारदात को अंजाम तक पहुंचा दिया।म