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Siddharthnagar News: सट्टे में हार गया रकम तो रची दी फर्जी लूट की कहानी

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- डुमरियागंज क्षेत्र में चाकू मारकर लूट करने की सूचना का पुलिस ने किया पर्दाफाश
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- हमले के दो घंटे के भीतर आरोपी ने लूट को बताया फर्जी

- खुद गले पर ब्लेड लगाकर बताया था हुआ हमला

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर/ पथरा। ऑनलाइन गेम के सट्टेबाजी में रुपये गवां चुके दवा विक्रेता ने फर्जी लूट की कहानी रच डाली, ब्लेड मारकर चाकू से हमला होना बताया। पुलिस को संदेह हुआ और पूछताछ की तो खुद टूट गया और बताया कि कर्ज से परेशान था। इसलिए लूट की कहानी बनाई। घटना डुमरियागंज थाना क्षेत्र के चिमड़ी में देर रात में होने की बात सामने आई थी। पुलिस ने दो घंटे में घटना से पर्दा उठाते हुए मामले का पर्दाफाश कर दिया।

पथरा थाना क्षेत्र के सेहरी बुजुर्ग निवासी पंकज अग्रहरि (30) दवा का व्यवसाय करता है। हर दिन की तरह से सुबह वह अपने बाइक से दवा सप्लाई करने के लिए निकला। डुमरियागंज से देर शाम वापस घर लौट रहा था। डुमरियागंज थाना क्षेत्र के जिमड़ी चौराहे के पास पहुंचे ही था कि पीछे से एक अपाचे बाइक पर दो हमलावर पंकज को ओवर टेक करके पंकज की बाइक रोककर पैसा छीनने लगे जब पंकज ने विरोध किया तो एक हमलावर ने चाकू से गले पर हमला कर दिया, जिससे पंकज सड़क पर गिरकर तड़पने लगा। इस दौरान हमलावरों ने जेब में रखा 18600 रुपये निकाल कर फरार हो गये।
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इसके बाद बिना पुलिस को सूचना दिए किसी की मदद से बेंवा सीएचसी पर इलाज कराने के लिए पहुंच गया। लूट की सूचना पर डुमरियागंज पुलिस अलर्ट हो गई और घटना स्थल के साथ ही पीडि़त के पास पहुंच गई। इसके बाद घटना के बारे में जानकारी ली। पीड़ित की ओर से सूचना न दिया जाना, पुलिस को खटकने लगा। इसके बाद उसने पूछताछ शुरू की तो वह टूट गया और बता दिया कि ऑनलाइन गेम खेलने में सट्टा लगाता था, जिसमें रकम हार चुका था। लोग उधारी मांग रहे थे, इससे परेशान होकर उसने लूट होने की कहानी बनाई और अंजाम तक पहुंचा दिया। पीड़ित की ओर से खुद स्वीकार कर लिया गया कि उसने खुद घटनाक्रम रचा था।

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सही लूट दिखे इसलिए गले पर ब्लड से किया वार

लूट की घटना सही लगे इसलिए पीड़ित ने ब्लेड से गल पर वार भी किया। इसके बाद जमीन पर गिर हुआ था। कुछ लोगों को आवाज दी। काफी देर बाद एक कार सवार लोग रुके और उसे पानी पिलाया और उसके मोबाइल से परिजनों को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे परिजन उसे पीएचसी बेंवा ले गए, जहां पर डाॅक्टरों ने उपचार के बाद देर रात्रि पंकज को घर भेज दिया। पुलिस ने कुछ स्थानों पर लगे सीसी कैमरे और गले के घाव से शक किया और सही से घटना के बारे में जानकारी देने के लिए तो पीडि़त टूट गया और बोला कोई घटना नहीं हुई है। उसकी रची हुई कहानी है।
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लूट की सूचना मिलने के बाद पुलिस अलर्ट हो गई थी। सीसीटीवी कैमरे में हरकत के बारे में जानकारी लेने पर संदेह हो गया था। इसके बाद पीडि़त से बात की गई तो उसने बताया कि खुद लूट की कहानी रचा था। क्योंकि वह मोबाइल गेम खेलने में रुपये गवां दिया है और कर्जदार हो चुका है। इसलिए ऐसा किया है।

-प्राची सिंह, पुलिस अधीक्षक
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