-भनवापुर क्षेत्र के चौखड़ा में चल रही है विष्णु महायज्ञ व संगीतमयी श्रीराम कथा
संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। चौखड़ा में चल रही विष्णु महायज्ञ व संगीतमयी श्रीराम कथा में बुधवार को कथाव्यास बलराम दास ने कहा कि धरती पर भगवन श्रीराम के अवतार लेने के पांच कारण थे। प्रथम सनकादिओं ने जय व विजय को दिया गया श्राप, दूसरा जालंधर की पत्नी वृंदा के द्वारा विष्णु को श्राप, तीसरा भगवान विष्णु के द्वारा मनु और शतरूपा को पुत्र के रूप में आने का दिया गया वचन, चौथा नारद के द्वारा दिया गया श्राप तथा पांचवा कारण ब्राह्मणों ने राजा प्रताप भानु को राक्षस होने का श्राप दिया था।
जिनका उद्धार करने के लिए परमात्मा को श्रीराम रूप में अवतार लेना पड़ा और अधर्म का नाश कर पृथ्वी पर धर्म की स्थापना की। श्रीराम जन्म की कथा के दौरान उपस्थित महिलाओं के द्वारा गाया गया सोहर व मंगल गीतों से पूरा पंडाल राममय हो गया।
इस दौरान अमृतलाल कौशल, सुमिरन सोनी, मंटू गुप्ता, घनश्याम अग्रहरी, रवि कसौधन, आचार्य सुनील शास्त्री उपस्थित रहे।
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मानव जीवन पर हुआ कथा का आयोजन
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पकड़ी बाजार। बैजनथा दुर्गा मंदिर में चल रहे श्रीविष्णु महायज्ञ में बुधवार की रात कथा वाचिका प्रज्ञा शुक्ला (प्रसून) ने कहा कि मानव के जन्म जन्मांतर कल्प कल्पांतर एवं युग युगांतर के पुष्प उदय होते हैं। तब जाकर सत्संग अर्थात भागवत कथा सुनने का अवसर प्राप्त होता है। भागवत कथा सुनने से मुक्ति मिलती है। कथा वाचिका ने कहा कि भागवत कथा के रसपान करने से मानव को भक्ति ज्ञान बैराग और त्याग की प्राप्ति होता है। आज के मानव को चौरासी लाख योनियों से छुटकारा पाने का एक मात्र साधन है।
इस दौरान राममिलन चौधरी, पिंटू चौधरी, श्याम चौधरी, गुड्डू चौधरी, चंद्रशेखर चौधरी मौजूद रहे। संवाद
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मानव जीवन के मुक्ति का मार्ग है श्रीमद्भभागवत कथा : राकेश शास्त्री
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भनवापुर। क्षेत्र के अंदुआ शनिचरा में श्रीमद्भभागवत कथा में बुधवार की रात कथा वाचक पंडित राकेश शास्त्री ने कहा कि इस संसार में कोई व्यक्ति कैसा भी हो अत्याचारी, पापचारी, दुराचारी बड़े से बड़े पापी भागवत कथा से मोक्ष प्राप्त करते हैं।
कथावाचक ने धुंधकारी व गौकर्ण की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि गौकर्ण गया तीर्थ में पिंडदान किया, उसके बाद भी धुंधकारी की मुक्ति नहीं हुई, तो उसके मुक्ति के लिए उपाय ढूंढने लगे तो कहा कि इनके मुक्ति के उपाय के लिए श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा है। श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा सुनने मात्र से जगत का कल्याण होता है। बड़े से बड़े पापी भगवान के परमधाम को प्राप्त होते हैं। इस दौरान मनीष चंद्र पांडेय, आशीष, शुभम, गोलू, प्रेम, विकास, लवकुश, बृजेश उपस्थित रहे। संवाद