बर्डपुर। सिद्धार्थनगर के बर्डपुर में प्रथम दीक्षांत समारोह से पूर्व सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी में जारी दीक्षांत सप्ताह के अंतिम दिन आयोजित संगोष्ठी में साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के अध्यक्ष प्रो. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने बुद्ध के धम्म और दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला। ‘हमारा समय और बुद्ध के विचार’ विषयक संगोष्ठी में प्रो. तिवारी ने दुनिया में प्रेम और शांति के लिए बुद्ध के विचारों को अपनाने पर जोर दिया।
प्रो. तिवारी ने कहा कि 21वीं सदी की शुरूआत खतरनाक रही। मार्च 2001 में अफगानिस्तान में बुद्ध की प्रतिमा को बारूद से उड़ा दिया गया। इसके बाद दुनिया में हिंसा और आतंकवाद का साया तेजी से बढ़ा। बुद्ध के समय में भी बहुत हिंसा होती थी। हिंसा के वातावरण में ही अहिंसा का उदय हुआ।
उन्होंने कहा कि बुद्ध ने न सिर्फ अहिंसा का अविष्कार किया बल्कि उसी मार्ग को अपनाया और जन-जन तक पहुंचाया भी। वह पूरी दुनिया नहीं घूमे, लेकिन उनका ज्ञान पूरे विश्व में फैला। आज दुनिया में शांति और प्रेम कायम रखने के लिए उनके विचारों को आत्मसात करने की जरूरत है। कहा कि आज जिसे हम विकास कहते हैं वह काम, क्रोध, लोभ, भष्टाचार को बढ़ाने का कार्य करता है। विकास का मतलब भौतिक विकास है, हमारे भीतर का विकास नहीं। अपना दीपक स्वयं बनो और पूरे तेज से प्रकाशमान बनें।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. चितरंजन मिश्र ने कहा कि हमारे समाज में गुरुओं की बड़ी महत्ता है, वह किताबों से नहीं अपने विचारों से हमें महान बनाया है। आचरण ही विचार का सूचक होता है। छोटे से छोटे आचरण में विचार की परख होती है, कोई भी समाज विचार से ही सभ्य बनता है। इस भूमि में जिस महापुरुष ने जन्म लिया वह पूरे विश्व के प्रेरणादायक बने हुए हैं। उनके विचारों को हम सभी को अपनाना चाहिए। अध्यक्षता कुलपति प्रो. रजनीकांत पांडेय ने की। धन्यवाद ज्ञापन वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक बाबू व संचालन प्रो. शिवम शुक्ला ने की। इस मौके पर कुलसचिव बीएन सिंह, प्रो. दिनेश प्रसाद, प्रो. समीम बानो, प्रो. स्मृति श्रीवास्तव, प्रो. अनुपमा शुक्ला, पंकज सिंह, अमित वर्मा, सीमा जायसवाल, सिमरन मिश्रा, स्मारिका सिंह, एकता सिंह, रूपाली श्रीवास्तव, हिना खान, सौंदर्या वर्मा, ऋचा, महेंद्र प्रताप चौधरी, ध्वनित सिंह, मजीबुल्लाह, विन्द कुमार, अंब्रेश पांडेय, आशीष जायसवाल, रिजवान अहमद, सर्वोत्तम सिंह, एजाज अहमद, प्रभात अग्रहरि, शाह मोहम्मद, कन्हैयालाल, सुनीता आदि मौजूद रहे।