शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के कोटिया बाजार का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
तुलसियापुर। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के कोटिया बाजार में मंगलवार रात 12 बजे कारोबारी के घर लूट करके जाते समय ग्रामीणों से घिरते हुए देखकर लुटेरों ने दो बम फोड़े। इससे लोग दहशत में आ गए।
क्षेत्र के कोटिया बाजार निवासी कारोबार अवधेश के घर परिवार के लोग शोर करते हुए कोटिया पुलिस चौकी ओर बढ़े तो लोग हैरान हो गए। रात के तकरीबन 12 बज रहे थे। जबतक बाजार के लोग घरों से बाहर निकलते लुटेरे वारदात को अंजाम दे चुके थे। भीड़ को आगे आते देखकर और खुद के पकड़े जाने के डर से लुटेरों ने दो बार बम फोड़े, जिससे लोग डर गए। इसी डर का फायदा उठाकर लुटेरे भाग निकले।
घटना होने के कुछ ही देर बाद शोहरतगढ़ थाने की भी पुलिस मौके पर पहुंच गई। लेकिन पूरी रात लोग सो नहीं सके। उनकी नजर के सामने वही दृश्य मंडरा रहा था, वे सहमे हुए थे। बुधवार पूरे दिन कस्बे के लोगों में वारदात को लेकर चर्चा थी। वहीं, दिनभर पुलिस टीम भी घटनास्थल पर जांच करती रही। लुटेरे दिखने में कैसे थे और कैसे बात कर रहे थे। परिवार के लोगों से लोग इस बारे में बात करते रहे।
गांव के लोगों का कहना था कि पुलिस चौकी होते हुए भी यहां के लोग असुरक्षित हैं। अगर पुलिस का खौफ रहता तो शायद इस प्रकार की वारदात पुलिस चौकी से चंद कदमों पर नहीं होती है। अब खुद की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। मौके से दो कारतूस मिले हैं। इसे पुलिस अपना बता रही है।
इस संबंध में शोहरतगढ़ एसएचओ राजकुमार पांडेय ने बताया कि चोरी की घटना का शीघ्र खुलासा किया जाएगा। घटनास्थल पर मिले कारतूस पुलिस के ही हैं। रात में एक कांस्टेबल का कार्बाइन गिर गया था और उसी से कारतूस गिर गया था।-
रात में ही पुलिस चौकी पर पहुंच गया था, पीडि़त
क्षेत्र के कोटिया बाजार में मंगलवार को हुई लूट की घटना में पीडि़त परिवार डरा हुआ है। पीडि़त अवधेश अग्रहरि ने बताया कि रात में पीछे से किसी ने उनके दरवाजे को तोडऩे का प्रयास किया। डरकर पूरा परिवार बाहर भाग गया। उन्होंने भागकर पुलिस चौकी में सूचना दी, लेकिन जब तक वह वापस आते तब तक लुटेरे नकदी व जेवकात लेकर जा चुके थे। पीडि़त परिवार ने न्याय की मांग की है।
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जान का डर और पांच से अधिक संख्या डकैती की श्रेणी है
अगर कोई ऐसी आवाज में बात करे और घर में घुसने की कोशिश करे, जिससे यह भय व्याप्त हो जाए कि जान जा सकती है, ऐसा करने वालों की संख्या पांच से अधिक है तो वह डकैती की श्रेणी में आएगा। केवल बंधक बनाकर लूटने और हमला करना ही डकैती का अपराध नहीं है। धमकी देते हुए दरवाजा तोड़ने की कोशिश के बाद परिवार जान बचाकर भागा है, तो वह डकैती ही है।
-संजय कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिवक्ता अपराध जनपद न्यायालय सिद्धार्थनगर