शोहरतगढ़ क्षेत्र भादमुस्ताकम पूर्वप्राथमिक विद्यालय में शिक्षक नही होने पर बंद स्कूल
सिद्धार्थनगर। शिक्षकों के अभाव में 69 परिषदीय विद्यालयों में ताला लटक रहा है। वहीं 22 विद्यालयों में शिक्षामित्र पठन-पाठन का कार्य कर रहें हैं। जबकि 434 विद्यालयों में एक ही अध्यापक के भरोसे विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। विद्यालयों के संचालन बंद होने से बच्चों को दूर-दराज के निजी विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए जाना पड़ रहा है।
जनपद में प्राथमिक, कंपोजिट व उच्च माध्यमिक के कुल 2262 विद्यालयों में शिक्षण कार्य का संचालन किया जाता है। अंतरजनपदीय स्थानांतरण के तहत अन्य जिलों के 496 अध्यापकों ने अपने गृह जिले में स्थानांतरण हो गया है। जबकि जनपद में बाहर 20 अध्यापक ही आ पाए। अध्यापकों के अभाव में कई विद्यालयों में ताला लग गया है। इन ताला बंद विद्यालयों में 4414 छात्र शिक्षा ग्रहण करते थे, लेकिन अध्यापक न होने से सभी छात्रों को पढ़ने के लिए अपने गांव से दूर अन्य गांव के विद्यालयों में जाना पड़ रहा है।
अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में अध्यापक नहीं आते हैं, जिससे शिक्षण कार्य में बाधा आ रही है। बड़े बच्चों को दूसरे गांव में पढ़ने के लिए भेज दिया जाता है, लेकिन जो बच्चे छोटे हैं वह गांव से दूर पढ़ने जाने में असमर्थ हैं। उनको पढ़ने के लिए लेकर जाना पड़ता है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय का कहना है कि इन विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था संचालित करने के लिए अन्य अध्यापकों को संबंद्ध किया जाएगा।
पांच प्रतिशत शिक्षक भी नहीं आये वापस
अंतरजनपदीय स्थानांतरण में जनपद में कार्यरत 496 शिक्षकों ने अपने-अपने जिले में ट्रांसफर करा लिया जबकि जिले में वापसी के लिए 28 शिक्षको ने आवेदन किया था। लेकिन 20 शिक्षकों ने जिले में स्थानांतरण करवाया जिससे 434 विद्यालयों में एक ही शिक्षक से शिक्षण कार्य चल रहा है व कई विद्यालयों में शिक्षक न होने से शिक्षण कार्य बंद कर दिया गया है।
बंद विद्यालय के आंकड़े एक नजर में
ब्लॉक बंद विद्यालय
इटवा छह
खुनियाव सात
लोटन सात
नौगढ़ चार
बांसी छह
शोहरतगढ़ दो
बढ़नी सात
डुमरियागंज दो
जोगिया छह
बर्डपूर 10
मिठवल चार
भनवापुर चार
खेसरहा तीन