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Siddharthnagar News: बिहार में पाबंदी, सीमा पर पांच गुना हो गए शराब के अड्डे

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सिद्धार्थनगर/देवरिया/कुशीनगर। देवरिया और कुशीनगर में बिहार से जुड़े सीमावर्ती क्षेत्रों के हाईवे पर बीते चार सालों में ढाबों की तादाद पांच गुनी हो गई है। शाम ढलते ही ये ढाबे गुलजार हो जाते हैं और यहां बिहार के नंबर वाली गाड़ियों की कतार बढ़ती जाती है। दरअसल, ये ढाबे बिहार के शराब के शौकीनों का नया ठिकाने बन गए हैं। संवाद टीम की पड़ताल में मंगलवार
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ऐसे ही नजारे दिखे।
बिहार में शराब पर पाबंदी के बाद कुशीनगर सीमाक्षेत्र के बहादुरपुर से तमकुहीराज के बीच ढाबों की संख्या और शराब के शौकीनों की तादाद लगातार बढ़ी है। सिर्फ चार वर्ष में बिहार सीमा पर करीब 13 किलोमीटर दूरी में ढाबों की संख्या 29 से बढ़कर करीब 140 हो गई है। बहादुरपुर, सलेमगढ़ और तमकुहीराज तक पड़ने वाले ढाबों पर बिहार के लोगों की आवाजाही भी बढ़ गई है।
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एनएच-28 के ढाबों पर युवाओं की भीड़
कुशीनगर से बिहार जाने वाले एनएच-28 के दोनों तरफ बने ढाबों पर खाने के साथ-साथ शराब भी परोसी जा रही है। तमकुहीराज के सीमावर्ती इलाकों में सलेमगढ़ और बहादुरपुर में हाइवे के ढाबों पर युवाओं की भीड़ जुटती है। कहने को तो यहां यहां भोजन और फास्ट फूड ही उपलब्ध है लेकिन शाम के समय टेबल पर बोतलें सजी नजर आती हैं।
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बड़े वाहनों के चालकों के लिए भी रहती है सहूलियत

दिल्ली और उत्तर प्रदेश से आने वाली बसों, ट्रकों के अलावा छोटी गाड़ियां भी रुकती हैं। ज्यादातर जगहों पर डिमांड करने पर देसी और विदेशी शराब के साथ-साथ बियर भी परोसी जा रही है। खुद शराब लेकर पहुंचे लोगों को यहां बैठने का ठौर और भोजन उपलब्ध होता है।



बिना लाइसेंस मॉडल शॉप जैसे इंतजाम
एक ढाबा संचालक ने नाम न उजागर करने का अनुरोध करते हुए बताया कि पिछले छह महीने से प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। दो से तीन बार पुलिसिया कार्रवाई हो चुकी है। इस वजह से सतर्कता बरतनी पड़ती है। बिना लाइसेंस के ढाबा या दुकान के अंदर शराब पीना जुर्म है, लेकिन ग्राहकों की डिमांड टालना मुश्किल हो जाता है।

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सस्ते डीजल-पेट्रोल के साथ शराब भी
सलेमगढ़ बाजार के मनोज कुमार, सनी, जितेंद्र प्रसाद और अमर कुमार ने बताया कि ढाबे शाम होते ही यूपी और बिहार के शराबियों से गुलजार हो जाते हैं। बिहार से लोग सामान्यतया बाइक या गाड़ियों से आते हैं। यहां सीमावर्ती क्षेत्र में आसानी से शराब मिल जाती है वहीं दूसरी तरफ बिहार से कम कीमत पर डीजल और पेट्रोल भी उपलब्ध हो जाता है। यूपी में बिहार के मुकाबले पेट्रोल 12 रुपये और डीजल 7 रुपये प्रति लीटर सस्ता है।



चाय और पान की दुकानों पर भी शराब उपलब्ध
देवरिया के भटनी क्षेत्र के रामपुर खोरीबारी और घांटी बाजार में गोपालगंज जिले से शराब पीने के लिए लोग पहुंचते हैं। यहां पर तो चाय और पान की दुकानों पर भी शराब आसानी से उपलब्ध हो जाता है। खोरीबारी के एक दुकानदार ने बताया कि यह धंधा पुलिस की मिलीभगत से चलता है। अवैध तरीके से दुकान और ढाबों पर शराब बेचने वालों से पुलिस बंधी-बधाई रकम पुलिस वसूलती है।


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बिरयानी की दुकान से बरामद हुई बियर
मेहरौना पुलिस चौकी के पास जगदीश मद्धेशिया बिरयानी की दुकान चलाता था। 14 नवंबर को पुलिस ने दुकान से 15 बोतल बियर के साथ गिरफ्तार कर उसे जेल भेजा। पुलिस की कार्रवाई के बाद लोगों में चर्चा रही कि स्थानीय चौकी पर तैनात एक सिपाही से किसी बात को लेकर हुई कहासुनी के बाद दुकानदार पर पुलिस ने आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।


कोट

बिहार बार्डर पर संचालित ढाबों की जांच समय-समय पर कराई जाती है। अवैध शराब बेचने की शिकायतें आने पर क्षेत्रीय आबकारी दरोगा से रिपोर्ट मांगा जाता है। अभी तक किसी ढाबे पर अवैध शराब नहीं मिली है।
- अनिल भारती, आबकारी अधिकारी, देवरिया



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ढाबों पर शराब बिकने की शिकायतें इधर नहीं मिली हैं। शिकायत मिलती है तो इसकी जांच कराकर ढाबा संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। बॉर्डर के पुलिसकर्मियों को इसके लिए निर्देश दिया जाएगा।
- संकल्प शर्मा, एसपी देवरिया

अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। इस साल अप्रैल से नवंबर तक अवैध शराब के खिलाफ 5096 छापे मारे गए। 684 मुकदमे दर्ज कराए गए, 210 लोगों की गिरफ्तारी हुई, 38 लोगों को जेल भेजा गया है।

- ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, जिला आबकारी अधिकारी, कुशीनगर


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नेपाल के शौकीन भारत में छलकाते हैं जाम

- बियर और ब्रांडेड शराब की कीमतों में बड़ा अंतर, शौकीन नेपाल से आते हैं इस पार


संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। सीमावर्ती क्षेत्र में अंग्रेजी और बीयर के शौकीन नेपाल से भारत में आकर जाम छलका रहे हैं। शाम होते ही सीमावर्ती क्षेत्र में इनका जमावड़ा लग जाता है। नेपाल में दाम ज्यादा होने के कारण यहां पर आकर पीने के साथ ही दावतों के लिए भी ले जा रहे हैं।


जिले की 68 किलोमीटर सीमा नेपाल बॉर्डर से लगती है। इसमें ठोठरी, ककरहवा, अलीगढ़वा, खुनुंवा और बढऩी बार्डर है,जहां दोनों के देशों के बीच आवागमन का मुख्य मार्ग है। बॉर्डर क्षेत्र में चाय की गुमटी, अंडे तथा फास्ट फूड के ठेले खुमचे पर शराब के शौकीन जाम छलकाते हैं। अलीगढ़वा बार्डर क्षेत्र में भी कमोबेश यही स्थिति देखी गई। कस्बा निवासी सलाउद्दीन ने बताया कि नेपाल और कुछ भारतीय युवक शराब की बोतलें लिए चोरी छिपे पीते हैं और चले जाते हैं।



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तेजी से बढ़ रही गुमटी और ठेले की दुकानदारी
बॉर्डर क्षेत्र में चार वर्ष के बीच बिरयानी, ठेला और गुमटी लगाने वालों की संख्या दोगुनी हो गई है। नेपाल के चाकरचौड़ा निवासी लतीफ ने कहा कि बार्डर क्षेत्र में नेपाल हो या फिर भारत दुकान पर शराब पीने की इजाजत नहीं है। दुकान से बियर और शराब खरीदते हैं। इसके बाद ठेले और गुमटी पर पहुंच जाते हैं। जहां दुकानदारों ने पानी और बैठने की व्यवस्था कर रखी है।
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