गंभीर मरीजों को सीढ़ी के सहारे जाना पड़ता हैं ओटी और सर्जरी वार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बने चार वर्ष पूरे हो गए, लेकिन सुविधाओं में अभी तक कोई सुधार नहीं हो पाया। पिछले चार वर्षों से लिफ्ट खराब होने से ओटी में ऑपरेशन कराने जाने वाले मरीजों को सीढ़ी का सहारा लेना पड़ता हैं। मेडिकल काॅलेज में प्रतिदिन 15 से 20 ऑपरेशन होते हैं।
मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज आते हैं, जबकि मरीजों के रहने के लिए 300 बेड भी मौजूद हैं। पुराने भवन के दूसरे तल पर ओटी के साथ सर्जरी के मरीज के लिए बेड बनाए गए हैं। ऐसे में मरीजों को दूसरे तल पर चल कर जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। लिफ्ट खराब होने से मरीजों को सीढ़ी से उतरने पर गिरकर चोटिल होने का भी खतरा बना रहता है। सोमवार को खेसरहा क्षेत्र के बनकटा से आए मरीज रामचंद्र ने बताया कि लिफ्ट नहीं होने से सीढ़ी से चढ़कर जाना पड़ा। जबकि ऐसे आने जाने से परेशानी का भी सामना करना पड़ता है।
बोले तीमरदार
लिफ्ट की सुविधा नहीं होने से मरीजों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। जबकि कई बार स्ट्रेचर नहीं मिलने पर सीढ़ी से ही लेकर जाना पड़ता हैं।
-बिफराज, खेसरहा
मेडिकल कॉलेज की लिफ्ट कई वर्ष से खराब है, जिससे मरीज को सुविधा नहीं मिल रही है। जबकि मेडिकल कॉलेज बनने से पहले ही बेहतर सुविधा थी।
-सोमई, उसका
लिफ्ट काे बनवाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया हैं। जल्द ही लिफ्ट को सही करवाकर मरीजों की सुविधा के लिए संचालित कर दिया जाएगा।
-प्रो. राजेश माेहन, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज