सिद्धार्थनगर। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम मोहम्मद रफी ने चिल्हिया क्षेत्र में हुई हत्या के तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इनमें एक अभियुक्त पर 11 हजार और दो अन्य अभियुक्तों पर 10-10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। जबकि दो अभियुक्तों के खिलाफ अभियोजन पक्ष मामला साबित करने में विफल रहा, जिससे कोर्ट ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया।
घटना चिल्हिया थानाक्षेत्र की है जो वर्ष 2016 में 18 नवंबर को घटित हुई थी। थानाक्षेत्र के दहियाड गांव निवासी चंद्रभान सिंह ने पुलिस को तहरीर देते हुए कहा कि उसके पुत्र सुनील सिंह उर्फ सोनू सिंह को 18 नवंबर 2016 की शाम करीब 6 बजे राजेश प्रसाद दूबे ग्राम परासपिंडा, थाना शोहरतगढ़ व सहयोगी ग्राम दहियाड़ निवासी सुभाष यादव व अनुज सिंह उर्फ आदित्य कुमार के साथ मुख्य सड़क दहियाड मोड पर गोली मार कर हत्या कर दी है। उसके लड़के की हत्या नीलमणि पुत्र विरेन्द्र दूबे ने साजिश के तहत खुद जेल में जाकर वहां से करवाया है। इसके डेढ़ माह पहले नीलमणि व राजेश पुरानी रंजिश को लेकर साजिश के तहत जान से मारने की नियत से पिकप से ठोकर मार दिये थे, जिसमें लड़का बच गया था और उसका मुकदमा लिखा गया था। घटना के समय लोग मौजूद थे, जिन्होंने गोली मारने की घटना अपनी आंखों से देखा।
पुलिस ने केस दर्ज कर्ज विवेचना करके अभियुक्तों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने घटना का संज्ञान लेकर विचारण शुरू किया और साक्ष्य की कार्रवाई पूर्ण होने पर बहस सुना। बहस सुनकर पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट घटना के तथ्यों एवं परिस्थितियों व अन्य आवश्यक दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए घटना का दोषी करार देते हुए तीन अभियुक्तों राजेश प्रसाद दूबे उर्फ राजेश्वर दूबे को हत्या व आर्म्स एक्ट के तहत आजीवन कारावास व 11 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं सुभाष यादव व अनुज सिंह उर्फ आदित्य हत्या के तहत आजीवन कारावास व 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
राज्य सरकार की तरफ से अभियोजन पक्ष की पैरवी एडीजीसी चंद्र प्रकाश पांडेय ने किया। वहीं अभियोजन पक्ष द्वारा अभियुक्त नीलमणि दूबे व विनोद यादव के मामला साबित न कर पाने की दशा में साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। दोषमुक्त अभियुक्तों की पैरवी मुक्तिनाथ यादव एडवोकेट एवं गोपाल त्रिपाठी ने किया। पुलिस मानिटरिंग सेल थाना चिल्हिया की तरफ से एसओ अमित कुमार व आरक्षी दीपक कुमार पैरोकार रहे।