सिद्धार्थनगर। इटवा तहसील क्षेत्र में उर्वरक विक्रेताओं की जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने पर कृषि विभाग ने दो दुकानों का उर्वरक प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी की ओर से गठित संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई।
जिला कृषि अधिकारी रविशंकर पांडेय ने बताया कि उपजिलाधिकारी इटवा, कृषि विभाग के विषय वस्तु विशेषज्ञ और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने मे. एग्रीजंक्शन वन स्टॉप शॉप आनंदनगर इटवा, एसपी ट्रेडर्स हीरखास इटवा और जैफुल्लाह खाद भंडार बेलवा खुनियांव का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान एसपी ट्रेडर्स का प्रतिष्ठान बंद मिला।
निरीक्षण में पाया गया कि मे. एग्रीजंक्शन वन स्टॉप शॉप आनंदनगर और जैफुल्लाह खाद भंडार पर रेट बोर्ड और प्रतिष्ठान संबंधी आवश्यक सूचना बोर्ड नहीं लगाए गए थे। अभिलेखों की जांच में यह भी सामने आया कि उर्वरकों का वितरण पीओएस मशीन के माध्यम से नहीं किया जा रहा था। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए दोनों प्रतिष्ठानों का उर्वरक प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
जिला कृषि अधिकारी ने जनपद के सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर रेट बोर्ड और सूचना पट्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें। साथ ही वितरण रजिस्टर में किसानों का पूरा विवरण दर्ज करें और उर्वरकों की बिक्री केवल पीओएस मशीन के माध्यम से ही करें। चेतावनी दी कि निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर उर्वरकों की बिक्री, कम प्रचलित उत्पादों की जबरन बिक्री अथवा अन्य किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।