संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदकों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। लर्निंग की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके अभ्यर्थियों को मेन परीक्षा में स्लाट ही नहीं मिल पा रहा है। इससे परमानेंट लाइसेंस के लिए उन्हें परेशान होना पड़ रहा है।
प्रतिदिन 70 लाइसेंस के लिए परीक्षा का नियम है। पर 50-55 को ही परीक्षा के लिए स्लाट मिल रहा है। ऐसे में उन्हें दोबारा नंबर मिलने में कई दिन लग जा रहे हैं। समस्या को लेकर विभागीय जिम्मेदारों को अवगत करवा रहे हैं, लेकिन सारी व्यवस्था ऑनलाइन होने का हवाला देकर वह भी चुप हो जा रहे हैं। क्योंकि चाहते हुए भी वह कुछ नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में आवेदकों की मुसीबत कम होने के बजाय और बढ़ जा रही है।
डिजिटल व्यवस्था और पेपरलेस ऑफिस पर जोर दिया जा रहा है, और लोगों की सुविधा के लिए अधिकांश काम ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे लोगों को कार्यालय के चक्कर से मुक्ति मिल सके, लेकिन सुविधा के साथ- साथ इससे असुविधा भी हो रही है। क्योंकि सारा काम पोर्टल से ही हो रहा है। इसमें संभागीय परिवहन विभाग की अधिकतर सेवाएं ऑनलाइन हो गई हैं। इसमें लर्निंग और लाइसेंस दोनों ऑनलाइन होता है। इसमें लर्निंग घर से ही हो जाता है, जबकि परमानेंट के लिए एआरटीओ कार्यालय पर आना होता है।
इसमें प्रतिदिन लर्निंग पास करने वाले 70 लोगों की परीक्षा का नियम है। उनके लिए पोर्टल सही स्लाट जारी होता है। पर 70 के बजाय 50-55 का ही स्लाट जारी हो रहा है। ऐसे में 15-20 लोग प्रतिदिन वेटिंग में चले जा रहे हैं। उन्हें परीक्षा की स्लाट के लिए फिर से आवेदन करना पड़ता है।
ऐसे में प्रतिदिन 250-300 लोगों की परेशानी बढ़ रही है। वह कार्यालय का चक्कर लगाकर परेशान हैं। उसका के रत्नेश और पुरानी नौगढ़ के आसिक अली ने बताया कि दो बार परीक्षा के लिए आवेदन कर चुके हैं। स्लाट आया ही नहीं, वहीं प्रक्रिया अपनानी पड़ी। ऐसा ही दर्द अन्य आवेदकों का है।