सिद्धार्थनगर। लखनऊ में अधिवक्ताओं के चैंबर तोड़ने और लाठी चार्ज के विरोध में अधिवक्ता मंगलवार को भी आंदोलनरत रहे। इसके विरोध में सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के अधिवक्ता दूसरे दिन मंगलवार को भी न्यायिक कार्य से विरत रहे। वहीं जिला बार एसोसिएशन ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर मामले की जांचकर कार्रवाई की मांग की।
सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के महामंत्री कृपा शंकर त्रिपाठी एडवोकेट ने बताया कि लखनऊ में विधि व्यवसाय कर रहे अधिवक्ताओं के लिए बैठने की वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना उनके चैंबरों को तोड़ने के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना ना तोड़ने का शांतिपूर्वक अनुरोध कर रहे अधिवक्ताओं पर पुलिस प्रशासन की ओर से बर्बरता पूर्वक लाठी चार्ज की कड़ी भर्त्सना करते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया है। अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण किसी भी न्यायालय, न्यायिक अधिकरण, राजस्व न्यायालयों में कोई न्यायिक कार्य नहीं हुआ, जिससे वादकारियों को बैरंग लौटना पड़ा।
वहीं जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यदेव सिंह व महामंत्री सुशील कुमार मणि त्रिपाठी ने निंदा प्रस्ताव पारित किया। दिए ज्ञापन में घटना में संलिप्त पुलिसकर्मियों के विरुद्ध केस दर्ज करने और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की। उन्होंने मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही मुआवजा देने की मांग की।