जिला अस्पताल में अब दूरबीन से होगी सर्जरी
- इस माह आ जाएगी मशीन, मार्च से मिलने लगेगी सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में अब पेट में बिना चीरा लगाए ही सर्जरी होगी। यह जिले का पहला सरकारी अस्पताल होगा, जहां लेप्रोस्कोपी (दूरबीन) सर्जरी की सुविधा होगी। इस माह के अंत तक मशीन आ जाएगी और मार्च से मरीजों को इसकी सुविधा होगी।
इस मशीन के माध्यम से पेट के अंदर की सर्जरी करने में बड़ा घाव नहीं बनता है। पेट में पतला छेद करके लेप्रोस्कोपी के उपकरण अंदर डाले जाते हैं और कैमरा के माध्यम से डॉक्टर पेट के अंदर देखकर सर्जरी करते हैं। 5-7 दिन की बजाए मरीजों को दो दिन में ही अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी।
डॉक्टरों के अनुसार संयुक्त जिला अस्पताल में एक सप्ताह में 30 से 40 मेजर सर्जरी होती है, जबकि लेप्रोस्कोपी सर्जरी नहीं होने के कारण एक सप्ताह में 7 से 10 मरीजों को जांच रिपोर्ट के बाद रेफर कर दिया जाता है। इस विधि में मरीज को दर्द नहीं झेलना पड़ता है, इस कारण लोग इसे ही पसंद कर रहे हैं। सरकारी अस्पताल में सुविधा नहीं होने की वजह से निजी अस्पताल जाने वाले मरीजों को 15 से 25 हजार रुपये खर्च करना पड़ता है।
माड्यूलर ओटी तैयार
पेट के अंदर पित्त की थैली, गर्भाशय की गांठ, हार्निया एवं अपेंडिक्स सहित अन्य सर्जरी में लेप्रोस्कोपी विधि मददगार साबित हो रही है। संयुक्त जिला अस्पताल में माड्यूलर ओटी बना दी गई है। मशीन आते ही ये सर्जरी शुरू हो जाएगी। मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी में दो सर्जन की नियुक्ति हो चुकी है, जबकि जिला अस्पताल में भी एक सर्जन हैं। लेप्रोस्कोपी सर्जरी शुरू होने के बाद मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं को आधुनिक विधि से सर्जरी का तरीका सीखने का अवसर प्राप्त होगा।
संयुक्त जिला अस्पताल की ओटी में लेप्रोस्कोपी सर्जरी शुरू होने वाली है। 65 लाख रुपये की मशीन खरीदने के लिए आदेश हो गया है। इस माह के अंत तक मशीन आ जाएगी। मार्च से सर्जरी शुरू होगी।
- डॉ. एके झा, प्रभारी सीएमएस