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Siddharthnagar News: मंजूरी के बाद तीन साल में बस अड्डे के लिए नहीं मिली जमीन

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शोहरतगढ़ कस्बे मे बस में चढ़ते यात्री। स्रोत फाइल फोटो
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संवाद न्यूज एजेंसी
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शोहरतगढ़। स्थानीय तहसील के कस्बे में बस का ठहराव न होने से यात्रियों को बस पर दौड़ कर चढ़ना पड़ता है। बस कस्बे से होकर आती-जाती है, और जगह-जगह रोड पर ही यात्रियों को छोड़कर चली जाती है। वहीं यात्री सड़क के किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करते हैं।
बस ठहराव का स्थान चिह्नित न होने के कारण चालक बस नहीं रोकते हैं। इसके कारण यात्री जान जोखिम में डालकर रोडवेज की बस में बैठते हैं। इसके कारण यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है।
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शोहरतगढ़ क्षेत्र से लगभग सैकड़ों गांव के यात्री जिला मुख्यालय, गोरखपुर, दिल्ली, बनारस, बलरामपुर, गोंडा, बहराइच, मुंबई, लखनऊ आदि महानगरों व कस्बों में आते जाते हैं।
बस का ठहराव का निर्धारित स्थल न होने से गोरखपुर, सिद्धार्थनगर व बलरामपुर, बढ़नी की तरफ आने वाली रोडवेज बस में बैठने में कई प्रकार की दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। बस सड़क पर चालक अगर एक मिनट के लिए रोक दे, तो कस्बे में जाम लग जाता है।
इसके लिए क्षेत्र की जनता की मांग के बाद बस अड्डा बनवाने के लिए विधायक विनय वर्मा के अथक प्रयास से स्वीकृति मिल गई है। तीन वर्ष से अधिक का समय बीत गया बस अड्डा लिए राजस्व विभाग भूमि उपलब्ध नहीं करा पाया है।
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क्षेत्र के प्रतीक, अश्वनी, सुरेश, अभिषेक, गुड्डू सिंह, शक्ति सिंह ने कहा कि जब तक बस अड्डा नहीं बनता है, कस्बे में बस ठहराव के कुछ स्थान चिह्नित कर देना चाहिए, जिससे यात्रियों को सुविधा मिल सके।
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