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Siddharthnagar News: कोच की कमी, राष्ट्रीय खेल से भी खिलाड़ियों का हो रहा मोह भंग

Thu, 06 Jun 2024 02:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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फोटो-
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-स्टेडियम बनने के बाद अभी तक नहीं नियुक्त हुए हॉकी के कोच
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। एक तरफ जहां शासन खेल को लेकर प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। वहीं, दूसरी तरफ खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षकों की तैनाती नहीं की जा रही है। जिले के युवा भी हॉकी के खेल में हाथ आजमाना चाहते हैं। वे भी हाॅकी का बड़ा खिलाड़ी बनना चाहते हैं, लेकिन उनके अभ्यास पर ध्यान देकर उन्हें सही मार्गदर्शन देने वाला कोच ही जिले में नहीं है।
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में अभी तक हॉकी के प्रशिक्षक की नियुक्ति नहीं हो पाई है। जबकि जिले के विद्यालयों में भी हॉकी नहीं खेली जाती है। इसका कारण हॉकी के स्टेडियम में किसी कोच का नहीं होना है। हॉकी का कोच न होने के कारण स्टेडियम में हॉकी ग्राउंड भी नहीं है। इससे सालों से स्टेडियम में हॉकी खेलने के लिए स्थानीय खिलाड़ी भी नहीं आते हैं। नतीजतन हॉकी का खेल जिले में दम तोड़ता जा रहा है।
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हॉकी की खेलकूद प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर जिले में खानापूरी की जाती है। मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस व विभिन्न अवसरों पर आयोजित होने वाली हॉकी प्रतियोगिताओं में टीम तक नहीं पहुंचती है। इसमें अन्य खेलों का आयोजन करा दिया जाता है।

बोले खिलाड़ी
हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल है। इसके बावजूद खेल के प्रशिक्षण के लिए कोच की व्यवस्था नहीं है। यह बहुत ही चिंता का विषय है। कोच मिले तो निश्चित ही जिले से प्रतिभाएं निकलें।
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विद्या प्रकाश मौर्य
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हॉकी अब कहने मात्र के लिए राष्ट्रीय खेल रह गया है। राष्ट्रीय खेल की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। यदि यही हाल रहा तो जिले से हॉकी का नामोनिशान मिट जाएगा।
-आकाश मौर्य

वर्जन
कोच की नियुक्ति के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। जल्द ही कई खेलों के कोच मिल जाएंगे। हाॅकी कोच की नियुक्ति के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।
-आशुतोष अग्निहोत्री, क्रीड़ा अधिकारी

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