सिद्धार्थनगर। क्रीड़ा भारती ने खेल एक मौलिक अधिकार के समर्थन में राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्ताव पारित किया है, जिसे अब गांव-गांव तक पहुंचाने का अभियान शुरू किया गया है। संगठन के गोरक्ष प्रांत अध्यक्ष अरुण कुमार प्रजापति ने कहा कि खेल केवल चुनिंदा खिलाड़ियों तक सीमित न रहकर हर व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने बताया कि खेल समावेशी हो और इसके नियम खिलाड़ी केंद्रित हों। केंद्र सरकार की 2025 की खेलो भारत नीति का हवाला देते हुए कहा गया कि खेल को जन आंदोलन बनाकर सामाजिक विकास और राष्ट्र निर्माण से जोड़ा जाना चाहिए।
प्रस्ताव में मांग की गई है कि हर खिलाड़ी को बिना बाध्यता अपनी पसंद का खेल खेलने और प्रतियोगिताओं में भाग लेने की स्वतंत्रता मिले। चयन प्रक्रिया पारदर्शी हो और खेल को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखा जाए। संगठन ने यह भी जोर दिया कि हर खिलाड़ी की पहुंच में मैदान और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। सिद्धार्थनगर में इस मुद्दे पर जागरूकता अभियान चलाकर खिलाड़ियों और युवाओं को जोड़ा जाएगा।