सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के कुशल क्रियान्वयन और कोटेदारों की लगातार बढ़ती शिकायतों को लेकर जिलाधिकारी ने सोमवार को कोटेदारों की बैठक ली। लोहिया कला भवन में आयोजित बैठक में डीएम ने खाद्यान्न-तेल वितरण में पारदर्शिता का कड़ाई से पालन करते हुए नियमों की अवहेलना पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
बैठक में सिर्फ दो महिला कोटेदार मौजूद थीं। अन्य कोटेदारों की उपस्थिति भी अपेक्षानुरुप न होने पर डीएम नरेंद्र शंकर पांडेय ने नाराजगी जताई। डीएसओ को निर्देश दिया कि सभी मॉनिटरिंग निरीक्षकों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी कोटेदार के विरुद्ध 3/7 के अंतर्गत कार्रवाई करने पर भी बहुत दुख होता है। आपको भी चाहिए कि कोई गलत कृत्य न करें। कोटेदार अन्नदाता है। नीतिगत रास्तों पर चलने वाले कोटेदार के विरुद्ध कोई भी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
नैतिकता का रास्ता छोडने वाले को भगवान की मार पड़ती है। सभी लोग अपनी नियत साफ रखे। सत्य निष्ठा से कार्य करें, प्रकृति सब के साथ न्याय करेगी। सभी कोटेदार सन्तुलन बनाकर चलें। जिला पूर्ति अधिकारी देवमणि मिश्रा ने कोटेदारों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम में दी गई व्यवस्था के बारे में बताया।
कहा कि किसी व्यकित का खाद्यान्न अगर कोटेदार बेच देता है तो उस खाद्यान्न का मूल्य संबन्धित कार्डधारक को देना होगा। संबन्धित पूर्ति निरीक्षक के वेतन से भी कटौती की जाएगी। बैठक में जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी रुपेश कुमार सिंह, पूर्ति निरीक्षक वासुदेव तिवारी, एसएमआई उमेश मणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।