जिला मुख्यालय स्थिति एक निजी नर्सिंग होम को गरीब महिला से पंगा लेना महंगा पड़ा है। टिकहरिया की रहने वाली फरजाना के शिकायत पर जिलाधिकारी सूर्यपाल सिंह गंगवार ने सीएमओ को तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। डीएम के िननिदेऱ्र्देश पर सीएमओ ने जांच िककिया।
टिकहरिया निवासी फरजाना ने एक सप्ताह पूर्व प्रार्थना पत्र देकर शहर से सटे बेलहिया में स्थित एक निजी नर्सिंग होम पर आरोप लगाया था कि अस्पताल के लोगों ने जान बूझकर आठ वर्षीय बेटी का हाथ खराब कर दिया। हड्डी टूटने का ऑपरेशन कराने आई लड़की के हाथ में वायर डालने की जगह नेल डाल दिया गया जिससे हाथ का जख्म नहीं भरा। ऑपरेशन के बाद महीनों तक उसे इलाज के लिए बुलाया जाता रहा और लड़की का हाथ ठीक कराने के लिए अपनी जमीन गिरवी रखकर फरजाना इलाज को आती रही। हाथ खराब हो जाने के बाद अस्पताल नें उससे पल्ला झाड़ लिया। अधिकारियों से शिकायत के बाद उसे धमकी भी मिलने लगी। धमकियों से परेशान फरजाना गुरूवार को कलेक्टर के चेंबर में रो पड़ी। गुरुवार की शाम नर्सिंग होम का निरीक्षण किया और आवश्यक प्रपत्रों की जांच पड़ताल की। सीएमओ ने कहा कि अस्पताल का संचालन जिसके नाम पर है उनकी मौत हो चुकी है अभी तक ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी नहीं है। प्रारंभिक जांच शुरू है, शीघ्र ही पीड़िता को न्याय मिलेगा।जिलाधिकारी सूर्यपाल सिंह गंगवार ने तत्काल सीएमओ डा. राजेंद्र कपूर से उक्त मामले की जांच और अस्पताल पर कार्रवाई का निर्देश दिया। डीएम के आदेश पर सीएमओ डॉ.राजें