तहसील क्षेत्र के बिजवार बढ़ई में आयोजित सात दिवसीय श्रीशतचंडी महायज्ञ, संगीतमयी श्रीराम कथा व रामलीला शुभारंभ के अवसर पर सोमवार को बैंड-बाजे के साथ भव्य कलशयात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में 1100 पीत वस्त्रधारी महिलाओं के साथ क्षेत्र के सैकड़ों लोग शामिल हुए।
यात्रा में शामिल युवा भक्ति गीतों पर थिरकते नजर आये तथा श्रद्धालु के मां जगदंबे व जय श्रीराम के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। यज्ञ स्थल से निकाली गई कलश यात्रा बिजवार बढ़ई से मन्नीजोत, धनोहरी, सिरसिया, रमवापुर उर्फ नेबुआ, शाहपुर का भ्रमण कर लगभग सात किलो मीटर पैदल चलकर डुमरियागंज स्थित राप्ती तट पर पहुंचे। यहां पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश में जल भरा गया।
कलश में जल भरकर महिलाएं व यात्रा में शामिल लोग वापस यज्ञ स्थल पर पहुंचे। जहां पर यज्ञाधीश पंडित इंद्रमणि त्रिपाठी व यज्ञाचार्य पंडित अशोक पाठक ने विधि विधान से कलश की स्थापना करवाई। कमेटी के अध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्र आजाद ने बताया कि श्रीराम कथा सात दिनों तक शाम 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक अयोध्या धाम से आई कथावाचकका प्रवचन चलेगा। इसके बाद कलाकार रामलीला का मंचन करेंगे।
पांच अपै्रल को कार्यक्रम का समापन भंडारे के साथ संपन्न होगा। इस दौरान अवधधाम से आई मानस मंदाकिनी बाल विदुषी कनकेश्वरीजी, मुख्य आयोजक हरिशंकर मिश्रा (लाला) कमेटी के अध्यक्ष चन्द्रशेखर मिश्र, हियुवा प्रदेश प्रभारी राघवेंद्र प्रताप सिंह, पंडित लवकुश ओझा, श्यामसुंदर अग्रहरि, राहुल प्रताप ंसिंह, यशोदानंद पांडेय, ग्राम प्रधान रमजान, भाष्कर शुक्ल, जगदीश विश्वकर्मा, मुकेश, गुड्डू मिश्रा, रमेश गुप्ता, पवन मिश्र, ओपी तिवारी, शिवदीन, राजमन, लालजी , राजकुमार, रिंकू, मोनी पांडेय आदि मौजूद रहे।