संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश एससी, एसटी एक्ट मोहम्मद रफी ने लड़की के अपहरण के अभियुक्त डुमरियागंज थाना क्षेत्र के मदारा निवासी गांव नदीम की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। केस डुमरियागंज थाने में दर्ज हुआ था। पीडि़ता की मां ने पुलिस को तहरीर देकर केस दर्ज करवाया था।
पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में अपहरण एवं दलित उत्पीडऩ के अपराध में आरोपपत्र दाखिल किया। अभियुक्त 16 सितंबर से जेल में बंद था। उसने घटना में उसका हाथ होने से इन्कार करते हुए जमानत प्रार्थनापत्र दाखिल करके कहा कि जिस लड़की का नाम प्राथमिकी में दर्ज है। उसकी जगह दूसरी लड़की ने न्यायालय में बयान दिया है। घटना झूठी एवं बेबुनियाद है। उसे रंजिशन झूठा ही फंसा दिया गया है। लोक अभियोजक द्वारा जमानत प्रार्थनापत्र का विरोध किया गया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर पत्रावली का अवलोकन किया और पाया कि पीडि़ता के बालिग होने में मात्र कुछ ही दिन शेष हैं। उसने अभियुक्त का सीधा हाथ होने से इन्कार करते हुए स्वयं आना-जाना बताते हुए न्यायालय में बयान दर्ज करवाया है।
बहस के दौरान पीडि़ता की मां भी न्यायालय में उपस्थित थी और उसने भी अभियुक्त के विरुद्ध कुछ कहने से इन्कार किया है। न्यायालय ने मामले के गुणदोष पर कोई राय व्यक्त किए बगैर जमानत का आधार पर्याप्त पाते हुए उसे जमानत देते हुए एक लाख रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र एवं इसी धनराशि के दो प्रतिभूति दाखिल करने पर जेल से रिहा करने का आदेश दिया।