डेढ़ लाख राशन कार्ड धारकों को अब नहीं मिलेगा केरोसिन
अक्तूबर माह से होगा क्रियान्वयन, एलपीजी और बिजली के कनेक्शनधारक हैं ये उपभोक्ता
कोटेदारों के माध्यम से कराया गया था सर्वे, शासन की नई व्यवस्था के तहत किया गया बंद
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली के तहत कार्ड धारकों को दिया जाने वाला केरोसिन अक्तूबर माह से डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को नहीं मिलेगा। ये उपभोक्ता एलपीजी और बिजली कनेक्शनधारक हैं। शासन के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है।
जिले में 4.5 लाख से अधिक राशन कार्ड धारक हैं। हाल में कोटेदारों द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार, इसमें से डेढ़ लाख ऐसे कार्डधारक पाए गए जिनके पास एलपीजी, बिजली कनेक्शन हैं। अक्तूबर से इन उपभोक्ताओं को केरोसिन नहीं मिलेगा। डीएसओ बृजेश कुमार मिश्र ने बताया कि इस माह से एलपीजी व बिजली के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को मिट्टी का तेल मिलना बंद हो जाएगा। शासन के निर्देश पर सर्वे कराया गया था, जिसमें डेढ़ लाख उपभोक्ताओं के पास गैस व बिजली कनेक्शन पाया गया है।
घर रोशन करने के लिए मिलता है केरोसिन
सार्वजनिक वितरण की दुकानों पर घरों को रोशन करने के लिए मिट्टी का तेल भी दिया जाता है। इसकी कीमत बाजार रेट से काफी कम है। नई नीति के तहत सरकार ने पिछले साल से ही मिट्टी के तेल से धीरे-धीरे सब्सिडी को कम रही है और तेल की मात्रा में भी कटौती की जा रही थी। इसके बाद शासन ने एलपीजी व बिजली के कनेक्शन वाले राशन कार्ड के उपभोक्ताओं को मिट्टी का तेल ने देने का फैसला लिया है। इस माह से एलपीजी और बिजली कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को तेल देने पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है। कोटेदारों को निर्देश दिया गया है कि चिह्नित उपभोक्ताओं मिट्टी का तेल न दें।
1199 ग्राम पंचायतों में हुआ सर्वे
पूर्ति विभाग की ओर से जिले के 1199 ग्राम पंचायतों का सर्वे कराया गया कि किस उपभोक्ता के पास गैस कनेक्शन और बिजली कनेक्शन है। जांच में चार लाख उपभोक्ताओं में डेढ़ लाख लोग चिह्नित किए गए हैं। जिनका इस माह से तेल बंद कर दिया गया है। इस संबंध में शासन को अवगत भी कर दिया गया है।
अब महंगे दामों पर केरोसिन लेना मजबूरी
सर्वे में चिह्नित एलपीजी और बिजली कनेक्शन धारकों को के समक्ष शासन के आदेश के बाद नई मुसीबत खड़ी हो गई है। अब मिट्टी का तेल खरीदने पर उन्हें बाजार रेट देना पड़ेगा। लोगों के मुताबिक मौजूदा समय में मिट्टी का तेल बाजार में 45 से 50 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि बिजली 24 घंटे मिलती नहीं। ऐसे में बिजली जाने पर लालटेन या ढिबरी जलाने के लिए लोगों को केरोसिन तो खरीदना ही पड़ेगा।