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Siddharthnagar News: बिजली चमके तो बंद रखें कार का रेडियो, लंबे पेड़ों से रहें दूर

Tue, 11 Jul 2023 11:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। जिले में चार माह के अंदर बिजली गिरने की घटना में 15 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें अधिकांश घटनाओं में आबादी के बाहर खेत अथवा पेड़ के नीचे मौजूद लोगों के साथ हादसा हुआ है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि मानसून के समय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में बिजली चमके तो कार का रेडियाे बंद कर देना चाहिए। वहीं, अगर खुले स्थान पर हैं तो लंबे वृक्षों से दूर रहें। छिपने के लिए किसी घर या खोह में जा सकते हैं।
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चार माह में आकाशीय बिजली गिरने से लगातार हो रहे हादसे से लोग सहमे हुुए हैं। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह कहते हैं कि जागरूक होकर हादसों से बचा जा सकता है। इसके लिए लोगों को मोबाइल पर दामिनी एवं सचेता एप अपलोड कर उसे सक्रिय रखने की जरूरत है, जिससे बिजली गिरने का पूर्वानुमान हो जाता है। जिसके बाद बचाव किया जा सकता है। मानसून से पहले के माह में दक्षिण भारत में आंधी-तूफ़ान और बिजली के साथ तेज़ बारिश की घटनाएं सबसे अधिक होती हैं, तब उत्तर भारत की ओर ऐसी घटनाएं कम होती हैं। दूसरी ओर, मानसून के दौरान उत्तर भारत में आंधी-तूफान और बिजली के साथ तेज बारिश की घटनाएं अधिकतम होती हैं और इस मौसम में दक्षिण भारत में ऐसी घटनाएं काफी कम होती हैं।


मकान सबसे सुरक्षित
कोई भी जगह आकाशीय बिजली से पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है, फिर भी बड़ी, चारों ओर से बंद इमारतें या कार, ट्रक, बस, वैन तथा कृषि वाहन सहित चारों ओर से बंद धातु के वाहन बिजली गिरने के मौसम में शरण लेने के लिए अच्छे विकल्प हैं। भारत में ज्यादातर खेतों में काम करने वाले लोग ही आसमान से गिरने वाली बिजली की चपेट में आते हैं। अगर जंगल में हैं तो निचले इलाके में छोटे और सघन पेड़ों के बीच आश्रय की तलाश करें। खुले स्थान पर है तो किसी नीची जगह, जैसे कि किसी खोह या गड्ढे अथवा घाटी में शरण लें। पानी से घिरे स्थान पर जमीन की तरफ जाएं और तुरंत कोई आश्रय ढूंढें।
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अगर बिजली गिर जाए...
अगर आप पर या आपके किसी परिचित पर बिजली गिर जाए, तो तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए कॉल करें। बिजली गिरने की चपेट में आने वाले लोगों को सहायता देने का प्रयास करते समय इन बातों पर ध्यान देना चाहिए। अगर सांसें थम गईं हैं, तो मुंह में फूंक मारकर घायल व्यक्ति को होश में लाने की कोशिश करें। अगर दिल की धड़कन थम गई है, तो सीपीआर दें। अगर पीड़ित की नब्ज चल रही है और वह सांस ले रहा है, तो उसके शरीर के दूसरे हिस्से में संभावित चोटों को देखें। जलने की जांच करें, जहां से बिजली ने शरीर में प्रवेश किया और बाहर निकल गई। इसके अलावा तंत्रिका तंत्र को हुए नुकसान, हड्डियों के टूटने तथा सुनाई कम देने एवं आंखों की रोशनी कम होने के प्रति भी सतर्क रहें।

आंधी-तूफान एवं बिजली के साथ तेज बारिश के दौरान क्या करें
अगर आप घर से बाहर हैं, तो बिजली गिरने से बचने के लिए किसी सुरक्षित स्थान पर जाएं। इमारतें सबसे सुरक्षित स्थान हैं, लेकिन अगर आस-पास कोई इमारत नहीं हो, तो आप किसी गुफा, खाई या घाटी में सुरक्षित रह सकते हैं। ऊंचे पेड़ बिजली को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। अगर बचाव के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं मिल रहा है, तो उस इलाके की सबसे ऊंची वस्तुओं से बचें। अगर आपके आस-पास अलग-थलग पेड़ हैं, तो खुली जगह पर अलग-थलग पड़े पेड़ों से दोगुनी दूरी पर दुबक के बैठना अपनी सुरक्षा के लिए सबसे अच्छा तरीका है। अगर आपको बिजली की कड़क सुनाई दे, तो जब तक बेहद आवश्यक नहीं हो हो, तब तक बाहर न जाएं। याद रखें, बिजली की चमक और गड़गड़ाहट के बीच के सेकंड को गिनकर उसे तीन से विभाजित करके, आप बिजली गिरने के स्थान से अपनी दूरी (किमी में) का अनुमान लगा सकते हैं। अगर आपके बाल खड़े हो जाते हैं या आपकी त्वचा में सिहरन होने लगती है, तो बिजली आप पर आ सकती है। तुरंत जमीन पर लेट जाएं।

क्या नहीं करें
हेयर ड्रायर, इलेक्ट्रिक टूथब्रश या इलेक्ट्रिक रेजर जैसे बिजली के प्लग वाले किसी उपकरण का उपयोग न करें। अगर आपके घर पर बिजली गिर जाए, तो आप भी उस आवेश से जुड़ सकते हैं। तूफान के दौरान टेलीफोन का इस्तेमाल न करें। घर के बाहर धातु की वस्तुओं का प्रयोग न करें।

इस मौसम में बिजली गिरने की आशंका अधिक रहती है। इसकी संभावित जानकारी के लिए सचेत एप डाउनलोड करें। कार चलाते समय रेडियो बंद कर दें। मोबाइल पर बात न करें। सुरक्षा के उपाय अपनाकर इससे बचाव किया जा सकता है।
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पुष्पांजलि सिंह, विशेषज्ञ, जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण
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