साहित्य सुधा के बैनर तले हुआ कवि सम्मेलन, गोविंद ओझा की पुस्तक का विमोचन
सिद्धार्थनगर। शहर में मंगलवार रात साहित्य सुधा की ओर से आयोजित कवि सम्मेलन में डॉ. गोविंद प्रसाद ओझा प्रेम की पुस्तक प्यारी मां का विमोचन किया गया। मां को समर्पित पुस्तक के लोकार्पण में सभी कवियों ने मां के प्रति समर्पित रचनाएं पढ़ीं तो दर्शक ताली बजाने को मजबूर होते रहे।
साहित्य सुधा के अध्यक्ष डाॅ. विमल कुमार द्विवेदी ने मां को समर्पित अपनी भावपूर्ण कविता मेरी नन्ही हंसी से दुख दूर हो जाते तुम्हारे... को प्रस्तुत कर वात्सल्य भाव प्रस्तुत किया। डॉ. गोविन्द ओझा प्रेम ने प्यारी मां पुस्तक के प्रकाशन को अपनी मां को समर्पित किया। प्रेम का इक नया कारवां लिख दिया, लेखनी धन्य हो मैंने मां लिख दिया, प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
सलमान आमिर ने मां के कदमों में जन्नत है, चरण में चारों धाम है जैसी भावपूर्ण पंक्तियों से मां की ममता और महानता को सलाम किया।
कवि डाॅ. सुशील सागर ने अपनी रचना जिसको पाने के लिए रब भी तरसता होगा, ऐसी अनमोल दुआ सिर्फ मां ही देती है, प्रस्तुत कर श्रोताओं को मुग्ध कर दिया।
एडवोकेट शादाब शब्बीरी की ग़ज़ल ख़ुद को बेदार कर लिया हमने ख़ूब सराही गई। शायर डाॅ. जावेद कमाल ने मां के हाथों की बनीं दो रोटियां अच्छी लगीं, पेश कर मां की अज़मत का बखान किया।
वरिष्ठ रचनाकार ब्रह्मदेव शास्त्री पंकज ने कलमकारों को समर्पित रचना दुनिया करेगी याद, ज़माने के बाद भी, ढूंढोगे मुझे जब भी, किताबों में मिलूंगा, प्रस्तुत कर कार्यक्रम को नई ऊंचाई प्रदान की।
सुप्रसिद्ध साहित्यकार नियाज़ कपिलवस्तुवी के संचालन में संपन्न कार्यक्रम में विजय कृष्ण नारायण सिंह, संघशील झलक, पंकज सिद्धार्थ, शिवसागर सहर, रामप्रकाश गौतम तथा अरुणेश विश्वकर्मा, सलोनी उपाध्याय आदि की रचनाएं भी खूब सराही गईं।