निजीकरण के विरोध में कार्य बहिष्कार कर भरी हुंकार
नौगढ़ उपकेंद्र पर बिजलीकर्मियों ने प्रदर्शन कर जताया विरोध
कहा निजीकरण प्रक्रिया निरस्त होने तक चलेगा आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मियों सोमवार को सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक धरना प्रदर्शन किया। संपूर्ण कार्य बहिष्कार करते हुए नौगढ़ उपकेंद्र पर जुटे जिलेभर के बिजलीकर्मियों ने निजीकरण के विरोध में हुंकार भरी। उन्होंने कहा कि निजीकरण प्रक्रिया निरस्त होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक दीपक सिंह ने कहा कि निजीकरण से बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों का भविष्य तो अंधकारमय होगा ही, उपभोक्ताओं को भी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। ग्रेटर नोएडा और आगरा में किया गया निजीकरण असफल साबित हो रहा है। अधीक्षण अभियंता एके श्रीवास्तव ने कहा कि निजी कंपनियां बिना मुनाफे के बिजली आपूर्ति नहीं करेंगी, इसलिए वहां पर निजी कंपनियां किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं की बजाए अधिक राजस्व वाले वाणिज्यिक और औद्योगिक संस्थानों को प्राथमिकता पर बिजली आपूर्ति कर रही है। निजीकरण से बिजली निगम कर्मचारियों का आर्थिक, मानसिक एवं सामाजिक शोषण होगा, कर्मचारियों के सेवा शर्तों का भी उल्लंघन किया जाएगा। इस दौरान अधिशासी अभियंता आरके कुशवाहा, एसके त्रिपाठी, विवेक, दीपक सिंह, अवधेश कुमार, कौशल किशोर, केएम पांडेय, संदीप, एसके सिन्हा, इंद्रेश, यादवेश राय, अरुण द्विवेदी और दारा सिंह आदि मौजूद रहे।
ऊर्जा मंत्री से वार्ता बाद तय होगी रणनीति
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक दीपक सिंह ने कहा कि संगठन के केंद्रीय नेतृत्व का प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री से वार्ता के बाद अगली रणनीति तय की जाएगी। इसके बाद ही मंगलवार के आंदोलन के संबंध में घोषणा होगी। उन्होंने बिजली प्रबंधन पर हठवादी रवैया अपनाने और उनके निजीकरण के प्रस्ताव के कारण आंदोलन किए जाने का आरोप लगाते हुए मामले में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने की अपील की।