सिद्धार्थनगर। कार्तिक पूर्णिमा पर सोमवार को नदियों में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे। जिले में नदी में स्नान वाले घाटों पर सुरक्षा और डूबने से बचाव के इंतजाम एक दिन पहले रविवार को किए गए। प्रशासन ने बैरिकेडिंग के साथ ही बांंस-बल्ली से सुरक्षा घेरा और स्नान घाट वाले स्थानों पर सुरक्षा और बचाव से जुड़े अन्य तैयारी कर ली है, जिससे डूबने से होने वाले हादसे का रोका जा सके। रविवार को घाटों की पड़ताल में तैयारियों देखने को मिली।
भनवापुर प्रतिनिधि के अनुसार नगर पंचायत डुमरियागंज के शाहपुर से होकर जाने वाली राप्ती नदी में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे। कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान करने वाले लोगों के सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर पंचायत प्रशासन ने नदी में बल्ली व रस्सी लगा कर बैरिकेटिंग करने के साथ ही उजाले के लिए लाइट का इंतजाम किया है। जबकि शनिवार को कोई व्यवस्था नहीं हुआ था। राप्ती के तट पर बने स्नान घाटों का साफ -सफाई लोगों को स्नान करने में उतरने के लिए मिट्टी पाट कर रास्ता, भोर में श्रद्धालुओं के सुविधा हेतु लाइट लगाने के साथ ही सुरक्षा के लिए नदी में सुरक्षित गहराई तक बैरिकेडिंग कर रस्सी व लाल निशान लगाई गयी है, जिससे कोई दुर्घटना न हो। इस संबंध में ईओ डुमरिमागंज महेश प्रताप श्रीवास्तव ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर शाहपुर राप्ती नदी के तट पर तैयारी पूरी कर ली गई है। जिसमें सुरक्षा का पूरा इंतजाम किया गया है। भोर मे स्नान के समय किसी भी दुर्घटना से निपटने के लिए नदी में गोता खोर नाव के साथ नदी में भ्रमण भी करेगें।
शोहरतगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार बानगंगा बैराज घाट पर कार्तिक पूर्णिमा को लेकर कोई तैयारी प्रशासन की तरफ से कोई तैयारी नहीं हुई है। घाट स्थनीय समाज सेवी लोग घाट पर आवाजाही करने वाले श्रद्धालु के नियंत्रण के बैरिकेटिंग, टेंट, महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए व्यवस्था, लाइट की व्यवस्था की तैयारी पूरी कर ली गई है।
घटनाओं के मद्देनजर इन्हीं लोगों के द्वारा 10 मछुआरों की व्यवस्था की गई है। जबकि शनिवार को पड़ताल में कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। इस संबंध में सीओ अरुणकांत सिंह ने बताया कि क्षेत्र संभ्रांत व्यक्ति की मद्दत से घाट पर श्रद्धालु की व्यवस्था के तैयारी करवाई जा रही है। और श्रद्धालु की सुरक्षा के पुलिस तैनात कर दी गई है। नाव और गोताखोर की व्यवस्था की गई है।
जोगिया प्रतिनिधि के अनुसार जोगिया क्षेत्र के बूढ़ी राप्ती ककरही पुराने पुल पर प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग किया गया है। जिससे कोई घटना ना हो सके। वहीं जर्जर पुल बैरिकेडिंग कर दिया गया, जिससे कोई उस पर जाने न पाए। गहराई को देखते हुए रस्सी लगाया गया है, उससे आगे जाकर कोई स्नान नहीं कर सकेगा। इस संबंध में थानाध्यक्ष जोगिया शिव नारायण सिंह ने बताया कि के पुराने पुल को दोनों तरफ से बंद कर दिया गया। जिससे कोई घटना न हो। साथ ही गहरे पानी में कोई न जाए, इसलिए बांस-बल्ली पर लगाया गया है।